भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने बीते साल स्‍वतंत्र दिवस के अवसर में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास की घोषणा की. हालांकि धोनी इससे पहले ही 2019 में विश्‍व कप के बाद से ही अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से दूर थे. धोनी के करियर के अंत के साथ-साथ कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) का करियर भी खत्‍म होता चला गया. कम से कम आंकड़े तो यही गवाही देते हैं.

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) विकेट के पीछे रहते हुए अक्‍सर गेंदबाजों को सही लाइन और लेंथ के बारे में जानकारी देते हुए नजर आते थे. कुलदीप यादव खुद ये कई बार स्‍वीकार कर चुके हैं कि धोनी की विकेट के पीछे से सलाह बल्‍लेबाजों को आउट करने में बेहद काम आई है.

कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने इंग्‍लैंड के खिलाफ तीसरे मुकाबले में अपने 10 ओवरों में 84 रन लुटवा दिए. इस दौरान उनके हाथ एक भी विकेट नहीं लगा. बेन स्‍टोक्‍स ने कुलदीप के ओवर में लगातार तीन छक्‍के भी जड़े.

आंकड़े बताते हैं कि धोनी की मौजूदगी में कुलदीप यादव ने 47 वनडे मैचों में हिस्‍सा लिया. इस दौरान उन्‍होंने 22.53 की औसत से 91 विकेट निकाले. वहीं, धोनी के बिना खेले 16 वनडे में कुलदीप यादव का औसत बढ़कर 61.71 का हो गया. इस दौरान वो केवल 14 विकेट ही निकाल पाए. धोनी की मौजूदगी में कुलदी यादव की इकनॉमी 4.87 की थी. जो बढ़कर बाकी 16 मैचों में 6.22 की हो गई है.

कुछ ऐसा ही हाल युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) का भी है. चहल ने धोनी के रहते 46 वनडे में 2532 की औसत से 81 विकेट निकाले थे. धोनी के जाने के बाद उन्‍होंने आठ वनडे में 4182 की औसत से महज 11 विकेट ही निकाले हैं. धोनी के रहते युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) की इकनॉमी करीब पांच की थी जो अब सात की हो गई है.