ind vs eng virat kohli could not succeed to make century from last 17 months
विराट कोहली @BCCITwitter

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) यूं तो शानदार फॉर्म में हैं. वह लगातार भारतीय टीम के लिए हर फॉर्मेट में उपयोगी पारियां खेल रहे हैं और बड़े-बड़े स्कोर भी बना रहे हैं. लेकिन विराट अपने करियर के पहले पिंक बॉल टेस्ट (नवंबर 2019) में शतक जड़ने के बाद से अब तक दोबारा शतक नहीं बना पाए हैं. उनके शतक का सूखा तीनों ही फॉर्मेट में छा गया है. अब हर बार विराट से शतक की उम्मीद होती है लेकिन वह फिफ्टी तो आसानी से जड़ देते हैं लेकिन इसे शतक में तब्दील करने से हर बार चूक रहे हैं.

32 वर्षीय कोहली वनडे क्रिकेट में दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के वनडे में 49 शतकों से 6 शतक दूर हैं. इस फॉर्मेट में उन्होंने अब तक 43 शतक जड़े हैं. वनडे फॉर्मेट में आखिरी बार उन्होंने 14 अगस्त 2019 को त्रिनिदाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 114 रन बनाए थे. इसके बाद से अब तक उनके बल्ले से वनडे में शतक नहीं निकला है.

एक जनवरी 2019 से 12 अगस्त 2019 तक कोहली ने 22 पारियों में 5 शतक जड़े थे और उस वक्त ऐसा लग रहा था कि वह वनडे में सचिन के सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड को जल्द पीछे छोड़ देंगे.

हालांकि तीनों ही फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड अभी भी शानदार है और वह लगातार रन भी बना रहे हैं. लेकिन उनका शतक उनसे कहीं रूठ गया है. वनडे क्रिकेट में शतक बनाने के बाद से उनका औसत 45.85 का रहा है और इस दौरान 14 पारियों में 5 अर्धशतक जड़े भी हैं. वह कई बार शतक के करीब पहुंचे लेकिन इसे हासिल नहीं कर पाए.

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में कोहली ने 66 रन बनाए और वनडे में लगातार 4 अर्धशतक पूरे किए. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में 56 और 66 रन की पारी खेलने से पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 89 और 63 रन बनाए थे. इस फॉर्मेट में यह विराट कोहली के लिए 7वां ऐसा मौका था, जब उन्होंने लगातार 4 बार 50 या इससे ज्यादा रन बनाए हों.

इससे पहले 2018 के कैलेंडर वर्ष में कोहली ने 14 मैचों में 6 शतक ठोके थे. 2017 में 26 वनडे में उन्होंने 6 और 2016 में 10 पारियों में 3 शतक जड़े थे. शुक्रवार को कोहली नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 10,000 से ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज रिकी पॉन्टिंग के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं.

इनपुट: IANS