भारतीय टीम (Indian Team) के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने कानपुर टेस्‍ट में सोमवार को सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) का रिकॉर्ड तोड़ा तो भज्‍जी की तरफ से भी इसपर प्रतिक्रिया दी गई. भज्‍जी ने उन्‍हें मुबारकबाद दी. अब अश्विन ने इसपर जवाब देते हुए कहा है कि साल 2001 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ उनके शानदार स्‍पेल को देखते हुए ही वो गेंदबाजी करने के लिए प्र‍ेरित हुए थे. हरभजन सिंह ने अपने टेस्‍ट करियर में 417 विकेट लिए थे. अब अश्विन ने महज 80 मैचों में ही 419 विकेट झटक लिए हैं. उनसे आगे केवल कपिल देव और अनिल कुंबले के रूप में दो भारतीय गेंदबाज बचे हैं.

रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने मंगलवार को बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कहा, “यह मेरे लिए एक अद्भुत मुकाम है। हरभजन सिंह, जब उन्होंने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक बेहतर स्पेल में गेंदबाजी की थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं उनको देखकर कभी एक ऑफ स्पिनर भी बनूंगा। उनसे प्रेरित होकर, मैंने गेंदबाजी शुरू की और इस वजह से मैं यहां हूं। मुझे प्रेरित करने के लिए भज्जी पा को धन्यवाद।”

रविचंद्रन अश्विन 400 से ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज हैं। सोमवार की उपलब्धि ने उन्हें पाकिस्तान के वसीम अकरम (414) का रिकॉर्ड तोड़ते हुए टेस्ट में 13वां सबसे अधिक विकेट लेने वाला गेंदबाज बना दिया। वह इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन के बाद सक्रिय क्रिकेटरों में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ब्रॉड ने 524 और जेम्‍स एंडरसन ने 632 विकेट लिए हैं।

अश्विन, जिन्होंने नवंबर 2011 में नई दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था, उन्होंने 52.4 की स्ट्राइक रेट और 24.5 की औसत से विकेट लिए हैं।