स्कॉट स्टाइरिस: सीमित अंतरराष्‍ट्रीय अनुभव के बावजूद मयंक ने भारतीय खिलाड़ियों को NZ में खेलने की तकनीक समझाई

वेलिंगटन टेस्‍ट में मयंक अग्रवाल ने मुश्किल वक्‍त में भारत के लिए अहम 58 रन बनाए.

Edited By : India.com Staff |Feb 23, 2020, 07:23 PM IST

Published On Feb 23, 2020, 07:23 PM IST

Last UpdatedFeb 23, 2020, 07:23 PM IST

न्‍यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर स्कॉट स्टाइरिस(Scott Styris) भारतीय सलामी बल्‍लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) की बल्‍लेबाजी तकनीक के फैन हो गए हैं. वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व मैदान पर जिस तरह से मयंक ने कठिन परिस्थितियों में बल्‍लेबाजी कर अर्धशतक जड़ा स्‍टाइरिस उनकी तारीफ की.

स्कॉट स्टाइरिस (Scott Styris) ने कहा, “मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) एक ऐसा खिलाड़ी है जिसके पास अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट का बेहद सीमित अनुभव है. उसने अपनी टीम के साथियों को यह दिखाया है कि न्‍यूजीलैंड की कंडीशन में कैसे बल्‍लेबाजी की जाती है.”

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बेसिन रिजर्व की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित होती है. दोनों ही पारियों में जहां भारतीय बल्‍लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं मयंक दूसरी पारी में बेहद सधी हुई बल्‍लेबाजी करते हुए 99 गेंदों का सामना कर 58 रन बनाने में कामयाब रहे. उन्‍होंने इस दौरान सात चौके और एक छक्‍का भी लगाया.

स्‍टाइरिस (Scott Styris) ने कहा, “जब भी मयंक को ‘हॉफ वॉली’ गेंदबाजी डाली जीत वो उसपर दूर शॉट लगाता. जब भी उसे उछलती हुई गेंद मिलती तो वो उसे छोड़ देता. न्‍यूजीलैंड में बल्‍लेबाजी की यही सीधी सी तकनीक है. जब कंडीशन तेज गेंदबाजों को सूट कर रही हो तो आपको सही गेंद आने का इंतजार करना होता है.”

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“आप ओवर पिच डिलीवरी मिलने पर ही यहां उसपर शॉट लगाते हैं. ये काफी आसान है. इससे ज्‍यादा यहां बल्‍लेबाजी में कुछ और समझने वाला नहीं है. मयंक ऐसा करने में सफल रहा.

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