India A vs Australia A: Lunch delayed by half an hour on Day 1 due to traffic woes
Kuldeep Yadav (File Photo) © IANS

इंडिया ए और ऑस्‍ट्रेलिया ए के बीच बैंगलोर में चार दिवसीय अनौपचारिक मैच की सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच खेला जा रहा है। इंडिया ए को पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी टेस्‍ट मैच में ऑस्‍ट्रेलिया ए ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए 346 रन बनाए। जवाब में दूसरे दिन का खेल खत्‍म होने तक भारतीय टीम ने 70 ओवरों के बाद 223/3 रन बना लिए हैं। मैदान पर श्रेयस अय्यर 30(56) और शुभमन गिल 6(10) खेल रहे हैं। कुलदीप यादव ने भी पांच विकेट हॉल अपने नाम किया।

लंच होने के बावजूद भी जारी रहा खेल

मैच के पहले दिन एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली। दरअसल, पहला सेशन खत्‍म होने के बावजूद भी आधे घंटे तक खेल जारी रहा। किसी को समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्‍यों किया जा रहा है। बाद में बताया गया कि दोनों टीमों के लिए जिस जगह से लंच ऑर्डर किया गया है वहां से वो अबतक मैदान में पहुंचा ही नहीं है। ट्रैफिक जाम में फंसे कर्मचारी लंच नहीं ला सके। जिसके कारण अंपायरों ने आधे घंटे तक खेल जारी रखने का फैसला लिया।

ट्रैफिक जाम में फंसे लंच लाने वाले कर्मचारी

इंडिया ए और ऑस्‍ट्रेलिया ए की बीच मैच केएससीए ग्राउंड अलूर में खेला जा रहा है। ये स्‍टेडियम बैंगलोर शहर से करीब 28 किलोमीटर दूर है। दोनों टीमों के लिए लंच बैंगलोर के रिट्ज कार्लटन होटल से मंगवाया जा रहा है। बताया गया कि होटल से लंच समय पर ही स्‍टेडियम के लिए भेजा गया था, लेकिन रास्‍ते में ट्रैफिक जाम के चलते मैच के आधिकारिक लंच टाइम पर खाना नहीं पहुंचाया जा सका। ऐसे में अंपायरों को मैच जारी रखने का निर्णय लेना पड़ा।

कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन ने झाड़ा पल्‍ला

कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह के मैचों के दौरान लंच समय तक मैदान पर पहुंचाने की जिम्‍मेदारी बीसीसीआई की होती है। इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। किसी नजदीकी जगह से खिलाड़ियों के लिए लंच मंगवाया जाना चाहिए था।

बीसीसीआई ने की रिपोर्ट तलब

क्रिकेट नेक्‍सट ने बीसीसीआई के क्रिकेट ऑपरेशनल मैनेजर सबा करीम के हवाले से लिखा, “ये एक अंतरराष्‍ट्रीय मैच है। मैच के दौरान सबसे अच्‍छी सुविधा देने की जिम्‍मेदारी हमारी है। मैं अपने स्‍टॉफ से इस बाबत रिपोर्ट तलब कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैच से जुड़े अधिकारियों ने इस मामले में जो भी निर्णय लिया जाना चाहिए होगा वो जरूर लिया होगा।”