हरारे एकदिवसीय: लगातार दूसरी जीत के साथ भारत ने किया सीरीज पर कब्जा
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युजवेन्द्र चहल (25 रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद बल्लेबाजों के उम्दा प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर सोमवार को खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को आठ विकेट से हरा दिया। इसके साथ भारत ने तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने भारत को 127 रनों का आसान सा लक्ष्य दिया था, जिसे भारत ने 26.5 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।

जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर समेटने में अहम भूमिका निभाने वाले चहल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (33) और करुण नायर (39) ने अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़े। भारतीय बल्लेबाज किसी तरह की जल्दी में नहीं थे। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सलामी जोड़ी ने टीम का स्कोर 50 तक पहुंचाने के लिए 13.4 ओवरों सामना किया।

पहले मैच में शतकीय पारी खेलने वाले राहुल को चामु चिबाबा ने अपना शिकार बना टीम को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मैदान पर आए अंबाती रायडू (नाबाद 41) ने नायर का साथ दिया और दूसरे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी की।

इस जोड़ी ने भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया था। टीम को जब जीत के लिए दो रनों की जरूरत थी तभी नायर को सिकंदर रजा ने पवेलियन भेज टीम को दूसरी सफलता दिलाई।

नायर के आउट होने के बाद आए मनीष पांडे (नाबाद 4) ने चौका लगाकर भारत को जीत दिलाई।

इससे पहले भारतीय गेंदबाजों के सामने मेजबान टीम के बल्लेबाज नतमस्तक दिखे। टीम के सिर्फ तीन बल्लेबाजी की दहाई का आंकड़ा छू सके। जिम्बाब्वे की ओर से वुसिमुजी सिबांडा ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए। उनके अलावा चिबाबा (21) और रजा (16) ही ऐसे बल्लेबाज थे जो दहाई के आकंड़े तक पहुंच सके। सीन विलियिम्स ने चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी नहीं की।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे का पहला विकेट 19 के कुल स्कोर पर गिरा। बरिंदर सरन ने हेमिल्टन मासाकाड़्जा (9) को पांचवें ओवर में पवेलियन की रहा दिखाई।

टीम के खाते में दो रन ही जुड़े थे कि सरन ने अपने अगले ओवर में पीटर मूर (1) को पगबाधा कर टीम को दूसरी सफलता दिलाई। अभी तक अच्छी बल्लेबाजी कर रहे चिबाबा को 39 के कुल स्कोर पर धवल कुलकर्णी ने पगबाधा कर जिम्बाब्वे को संकट में डाल दिया।

लेकिन इसके बाद सिबांडा और रजा ने टीम को संभाला और भारतीय गेंदबाजों को अगले विकेट के लिए लंबा इंतजार करवाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी की। हालांकि इस साझेदारी में 48 रन अकेले सिबांडा ने बनाए। रजा जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 106 रन था।

चहल ने रजा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने एक के बाद एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे को 126 रनों पर ढेर कर दिया। सिबांडा को भी चहल ने पवेलियन भेजा। उन्होंने अपनी पारी में 69 गेंदें खेलीं और एक छक्के के साथ छह चौके लगाए।

भारत की तरफ से चहल के अलावा सरन और कुलकर्णी को दो-दो विकेट मिले। जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।