India can’t accept Hardik Pandya to play like Nitish Rana or Suryakumar Yadav: Muttiah Muralitharan
हार्दिक पांड्या © AFP

श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पूर्व दिग्गज मुथैया मुरलीधरन ने भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इस खिलाड़ी का कैलिबर ऐसा है कि अगर वो एक टीम के कप्तान होते, तो पांड्या निश्चित रूप से उनकी इलेवन में जगह बनाते।

मुरलीधरन ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो पर कहा, “हार्दिक पांड्या एक खास खिलाड़ी हैं। अगर मैं कप्तान होता, तो मैं उन्हें दुनिया की किसी भी टीम में रखता – एक आईपीएल टीम, ऑस्ट्रेलियाई टीम … दुनिया की कोई भी टीम। क्योंकि उनमें 140 की गति से गेंदबाजी करने की क्षमता है और वो स्थिति के हिसाब से खुद को ढाल सकते हैं और धीमी गेंदबाजी भी कर सकते हैं। मुझे लगता है कि चोट के कारण वो ज्यादा कुछ नहीं कर सके।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “दूसरी बात ये कि उनकी बल्लेबाजी भी खास है। हम उनसे नीतीश राणा, या सूर्यकुमार यादव की तरह खेलने के उम्मीद नहीं कर सकते … कि वो लंबे समय तक टिके रहें और रन बनाएं। वो एक छोटी अवधि के बल्लेबाज हैं जो आपको 40 गेंदों में शतक के साथ आपको हैरान कर देंगे। मुझे उनसे यही उम्मीद होगी।”

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पांड्या की भूमिका की सराहना करते हुए मुरलीधरन ने कहा कि भारतीय टीम को उनसे बाकी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की तरह खेलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पूर्व ऑफ स्पिनर का मानना ​​है कि हार्दिक के लिए आदर्श भूमिका निचले क्रम में एक हिटर की है जो आखिरी के ओवरों में टीम को कुछ अतिरिक्त रन दिला सकता है।

मुरलीधरन ने कहा, “वो पहले दो ओवरों में आउट हो सकता है लेकिन अगर वो 20-30 गेंदों पर हिट करता है, तो वो 50 रन बना लेगा। हार्दिक पांड्या से यही उम्मीद है। अगर आप उसे 70 गेंद खेलकर 90 रन बनाने की उम्मीद करते हैं, तो वो नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “ये ऐसा होगा जैसे जयसूर्या को सलामी बल्लेबाजी करने और हर गेंद पर रन बनाने के लिए कहना। वो सफल नहीं होगा। ये खिलाड़ी नंबर सात या आठ पर किसी भी समय खेल सकते हैं। उसे मैदान पर उतारें और अपना स्वाभाविक खेल खेलने दें।”