टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज भारतीय टीम विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में अब तक एक भी बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है। चाहे 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी हो या 2019 का वनडे विश्व कप, टीम इंडिया हमेशा आखिरी स्टेज तक पहुंचने के बाद हारी है। इस पर पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का कहना है कि भारतीय खिलाड़ियों में मुश्किल हालात में दबाव से निपटने के लिए ‘मानसिक मजबूती’ की कमी है।

गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के ‘क्रिकेट कनेक्टिड’ शो में कहा, ‘‘टीम में एक अच्छे खिलाड़ी और एक बहुत अच्छे खिलाड़ी के बीच में से क्या चीज आपको अलग करती है, वो है कि आप महत्वपूर्ण मैचों में कैसा करते हो। मुझे लगता है कि शायद हम दबाव से अच्छी तरह से नहीं निपट पाते जबकि अन्य टीमें दबाव से अच्छी तरह निपट लेती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप सभी सेमीफाइनल और फाइनल को देखो तो इसमें दिखता है कि जब आप लीग चरण में काफी अच्छा खेलते हो तो सेमीफाइनल या नाकआउट में इतना अच्छा नहीं खेलते, यह शायद आपकी मानसिक मजबूती ही है।”

गंभीर ने आगे कहा वो तब तक खुद को विश्व चैंपियन नहीं कह सकते जब तक विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खुद को साबित नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘‘हम बात कर सकते हैं कि हमें सबकुछ मिल गया, हममें विश्व चैंपियन बनने की काबिलियत है लेकिन जब तक आप क्रिकेट के मैदान पर जाकर साबित नहीं करते, आपको विश्व चैंपियन नहीं कहा जाएगा।’’