टीम इंडिया  © Getty Images
टीम इंडिया © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में अब तक के नतीजों को देखकर यह कहना मुश्किल हो गया है कि टीम इंडिया अपने आखिरी वनडे मैच में जीत का रास्ता कैसे बनाएगी। अगर शनिवार को होने वाले सिडनी वनडे मैच में टीम इंडिया जीत हासिल नहीं कर पाती है, तो उसकी वनडे रैंकिंग दूसरे से तीसरे नंबर पर तो खिसकेगी ही साथ ही टीम को कई बड़े बदलावों के दौर से गुजरना पड़ सकता है। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी अब टीम में बड़े बदलाव के पक्ष में नजर आते रहे हैं। कई खिलाड़ियों के सिर पर तलवार लटक रही है।
फिलहाल कैनबरा में हार की जिम्मेदारी कप्तान एमएस धोनी ने अपने सिर ले ली है, लेकिन सीरीज में 0-4 से पिछड़ने के बावजूद यह मैच खिलाड़ियों के लिए करो या मरो का मसला बन गया है। ये भी पढ़ें: अंडर-19 विश्व कप सीनियर टीम में जाने का सुनहरा अवसर: राहुल द्रविड़

कैनबरा में हार के तुरंत बाद कप्तान धोनी ने यह मानने में देर नहीं की कि उनके विकेट का जाना ही मैच का टर्निंग प्वाइंट था। लेकिन अब सिडनी मैच में हर हाल में टीम इंडिया को जीत तय करनी होगी। टीम इंडिया के कई बल्लेबाजों ने सीरीज में बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन टीम को हार मिली और उसका रिकॉर्ड खराब हो गया। बल्लेबाजी में भी चूक हुई है इससे इंकार नहीं किया जा सकता। ये भी पढ़ें: धोनी के समर्थन में उतरे माइकल हसी 

भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी बड़ी फिक्र की वजह बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन कहते हैं, “मुझे लगता है बल्लेबाजी बेहतर होती जा रही है और अब गेंदबाजों के सामने चुनौती है कि वो आउट करने का तरीका ढूंढें।” ये भी पढ़ें: अंडर-19 विश्व कप सीनियर टीम में जाने का सुनहरा अवसर: राहुल द्रविड़

पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और संजय मांजरेकर जैसे दिग्गजों ने सीनियर खिलाड़ियों के साथ टीम के युवा खिलाड़ियों और टीम के रवैये को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

अब फैन्स के सामने ये सवाल बड़ा बनता जा रहा है कि क्या वनडे सीरीज में वाकई टीम इंडिया को 0-5 से हार का सामना करना पड़ेगा?