इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन (Eoin Morgan) ने माना कि दूसरे टी20 मैच के दौरान टीम इंडिया ने धीमी पिच पर ना खेल पाने की उनकी टीम की कमजोरी का फायदा उठाया लेकिन ये भी कहा कि भारत में ज्यादा क्रिकेट खेलने से ही उन्हें टी20 विश्व कप की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

मोर्गन ने स्वीकार किया कि दूसरे मैच में उनकी टीम धीमी पिच के अनुकूल ढल नहीं सकी। उन्होंने मैच के बाद वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘दोनों टीमों में अंतर विकेट और उसके अनुकूल ढलने का था। ये पहले मैच की पिच से अलग पिच थी। पिच धीमी थी और इस पर हमारी कमजोरियां उजागर हो गई। हम धीमी विकेटों पर नहीं खेलते हैं। इन पर जितना ज्यादा खेलेंगे, उतना ही फायदा होगा। इन हालात में खेलकर और गलतियों से सीखकर ही बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।’’

मोर्गन ने कहा कि इस साल के आखिर में भारत में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले इन पिचों पर खेलने से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस पिच पर हमें अपने ‘कंफर्ट जोन’ से बाहर निकलना होगा। मुझे लगा था कि ये हमारे अनुकूल तेज पिच होगी लेकिन ये बिल्कुल भारतीय विकेटों जैसी धीमी है। इसके अनुकूल जल्दी ढलना होगा क्योंकि सात महीने बाद इन्हीं पिचों पर विश्व कप खेलना है। इससे बेहतर तैयारी क्या हो सकती है।’’

उन्होंने स्वीकार किया कि रविवार के मैच में इंग्लैंड की टीम किसी भी विभाग में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने भारत के युवा बल्लेबाज इशान किशन की भी तारीफ की जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करके 32 गेंद में 56 रन बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘शुरूआती विकेट हमने जल्दी ले लिया लेकिन भारत ने वापसी में देर नहीं लगाई। ईशान किशन ने उम्दा पारी खेलकर मैच हमारी जद से बाहर कर दिया । हमारा कोई दाव कारगर साबित नहीं हुआ।’’