भारतीय टीम में चयन मेरे हाथ में नहीं है: ऋषभ पंत
ऋषभ पंत ने कहा कि मैं सिर्फ बल्ले से अच्छा कर सकता हूं, चयन का फैसला चयनकर्ताओं के हाथ में है
Published On Dec 05, 2016, 01:36 PM IST
Last UpdatedDec 05, 2016, 01:36 PM IST

दिल्ली के बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए ये घरेलू सत्र बेहद ही अच्छा रहा है। 19 वर्षीय पंत ने भारत की अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद पंत को आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में चुन लिया गया। लेकिन पंत का सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी था। पंत ने रणजी के इस सत्र में गजब की बल्लेबाजी की ऋषभ पंत ने रणजी का आगाज असम के खिलाफ शतक जड़ कर किया। इसके बाद ऋषभ ने महाराष्ट्र के खिलाफ तिहरा शतक ठोककर अपनी बेहतरीन फॉर्म का सबूत पेश किया। ऋषभ पंत यहीं नहीं रुके इसके बाद उन्होंने रणजी में ही सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बना दिया।
रिद्धिमान साहा के चोटिल होने के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि ऋषभ पंत को जल्द ही राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिलेगा। लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टीम में शामिल नहीं किया और भारत की तरफ से उनके खेलने का इंतजार और बढ़ गया। हाल ही में एक इंटरव्यू में पंत ने कहा कि मैं सिर्फ अच्छा खेल सकता हूं, भारतीय टीम में चयन मेरे हाथ में नहीं है। अगर ऐसा नहीं होता तो मेरा पूरा ध्यान रणजी में अच्छे खेल दिखाने पर होगा। भारतीय टीम में चयन का फैसला सिर्फ चयनकर्ताओं के हाथ में है। ये पभी पढ़ें: इंग्लैंड के लिए भाग्यशाली रहा है मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम
पंत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का श्रेय अंडर-19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ को दिया। द्रविड़ के बारे में बोलते हुए पंत ने कहा, ‘राहुल सर ने मुझे अनुशासन में रहना सिखाया। उन्होंने सिखाया कि कैसे आप बड़े स्तर पर निरंतर अच्छा खेल सकते हो। राहुल सर मेरे लिए प्रेरणा हैं।’ पंत ने साथ ही कहा कि वीरेंद्र सहवाग से भी उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। सहवाग ने उन्हें बताया कि मुझे अपना खेल खेलना चाहिए, उन्होंने मुझे बताया कि हमेशा अपनी ख्याति के अनुरूप ही खेलना चाहिए।