एमएस धोनी © PTI
एमएस धोनी © PTI

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया को जीतने के लिए 50 ओवरों ने 243 रन बनाने थे लेकिन पूरी टीम 49.3 ओवरों में 236 रन ही बना पाई और इस तरह मैच महज 6 रनों से हाथ से निकल गया। टीम इंडिया की वनडे में कोटला के मैदान पर यह हार 11 सालों के बाद आई है। वहीं अपना 901वां वनडे मैच खेल रही टीम इंडिया की यह वनडे में 400वीं हार है। टीम इंडिया विश्व में सबसे ज्यादा वनडे मैच हारने वाली टीम है। भारत के बाद पाकिस्तान 383 हार के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर श्रीलंका 373 हार के साथ काबिज है।  भारत बनाम न्यूजीलैंड, दूसरा वनडे, फुलस्कोर जानने के लिए क्लिक करें…

इस हार के साथ न्यूजीलैंड ने श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली है। सीरीज में अभी 3 मैच और खेले जाने हैं। ऐसे में टीम इंडिया को न्यूजीलैंड पर नकेल कसने के लिए एक अलग तरह की रणनीति बनाने की जरूरत है। दूसरे वनडे में टीम इंडिया की बल्लेबाजी बुरी तरह से फेल नजर आई। एक बार फिर से रोहित शर्मा(15) ने निराश किया और एक उछाल भरी गेंद पर अपना विकेट गंवा दिया। इस मैच में विराट कोहली भी कुछ खास नहीं कर सके और 9 रन बनाकर सेंटेनर का शिकार बन गए। मनीष पांडे से काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए और इस तरह टीम इंडिया की मुश्किलें और बढ़ गईं जब 74 रनों के कुल स्कोर पर 4 विकेट गिर गए।

यहीं से टीम इंडिया पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, केदार जाधव ने कुछ बड़े स्ट्रोक लगाकर टीम इंडिया को संकट से उबारने की कोशिश जरूर की। लेकिन उनके आउट होने के बाद एक बार फिर से मैच हाथ से फिसलने लगा। एमएस धोनी भी कुछ खास नहीं कर सके और बेहद धीमी बल्लेबाजी के बाद 65 गेंदों में 39 रन बनाकर चलते बने। निचले क्रम में हार्दिक पांड्या ने एक समय अच्छे स्ट्रोक लगाकर उम्मीद जगाई लेकिन वह पारी के 49वें ओवर में बड़ा स्ट्रोक लगाने के प्रयास में आउट हो गए और टीम इंडिया की रही सही उम्मीदें भी यहां से विदा हो गईं।