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- India tour of Australia 2018: No team is weak at home, belives Ravi Shastri
अपने घर पर कोई टीम कमजोर नहीं होती: रवि शास्त्री
टीम इंडिया 21 नवंबर को टी20 सीरीज के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत करेगी।
Published On Nov 18, 2018, 12:52 PM IST
Last UpdatedNov 18, 2018, 12:52 PM IST
Ravi Shastri, Virat Kohli (IANS)
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री का कहना है कि स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया को कमतक आंकना गलत होगा क्योंकि कोई भी टीम अपने घर पर कमजोर नहीं होती।
21 नवंबर से शुरू होने वाली टी20 सीरीज से पहले ब्रिसबेन में मीडिया से रूबरु हुए कोच शास्त्री ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता, मैं हमेशा से ये मानता हूं कि कोई भी टीम अपने घर पर कमजोर नहीं होती है। चाहे जब कोई टीम भारत दौरे पर आए और हमारे तीन-चार खिलाड़ी ना खेल रहे हों लेकिन भगवान ना करे अगर वो ये कहें कि भारतीय टीम कमजोर है क्योंकि उन्हें आश्चर्य होगा।”
बॉल टैंपिरिंग मामले में स्मिथ-वार्नर पर बैन लगने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट ने नए कोच जस्टिन लैंगर के नेतृत्व में क्रिकेट खेलने का दोस्ताना दृष्टिकोण अपनाया है। हालांकि शास्त्री का कहना है कि इससे भारतीय टीम और कप्तान विराट कोहली प्रभावित नहीं होंगे।
शास्त्री ने कहा, “हम किसी और बात की परवाह किए बिना अपना लक्ष्य हासिल करना पर ध्यान देंगे। वो (कोहली) भी अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा। उसे ऑस्ट्रेलिया आना पसंद है, वो अपने खेल को लेकर जुनूनी है और यहां कि पिच उसके खेल को सूट करती है।”
शास्त्री मौजूदा भारतीय टीम को विदेशी दौरा करना वाली सर्वश्रेष्ठ टीम कहते आए हैं लेकिन ये टीम दक्षिण अफ्रीका और फिर इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हार चुकी है। इस पर भारतीय कोच ने कहा, “बात मौके पर चौका मारने की है। अगर आप पिछली विदेशी सीरीजों को देखें, स्कोरकार्ड आपको असली कहानी नहीं बताते हैं। कई कड़ी टक्कर के टेस्च मैच खेले गए और हमने कई बड़े मौके गंवाए जिसके चलके हमे सीरीज में नुकसान हुआ। ये केवल एक सेशन या एक घंटे का खेल हो सकता है, जिससे बड़ा फर्क पड़ता है, आपको इससे सीख लेने होगी।”
ये पूछने पर कि भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतना कितना महत्वपूर्ण है, शास्त्री ने कहा, ‘‘आपको अपनी गलतियां से सीखना होगा। जब आप विदेशी दौरे पर जाते हैं और जब आप आज कल विदेशी दौरा करने वाली टीमों को देखते हैं तो ऐसी काफी टीमें नहीं हैं जो विदेश में अच्छा करती हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 1990 के दशक और अगले दशक में कुछ समय ऐसा किया। दक्षिण अफ्रीका भी कुछ समय ऐसा करने में सफल रहा और इन दोनों के अलावा पिछले पांच से छह साल में आप बताइये किस टीम ने विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन किया। तो फिर भारत का ही नाम क्यों लिया जा रहा है?’’