महेंद्र सिंह धोनी-हार्दिक पांड्या © AFP
महेंद्र सिंह धोनी-हार्दिक पांड्या © AFP

कल चेन्नई में खेला गया भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पहला वनडे भारतीय क्रिकेट इतिहास के खास मैचों में से एक था। 64 रन पर चार विकेट खोने के बाद कंगारू टीम को अपनी जीत नजर आने लगी थी लेकिन भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने शानदार 83 रनों की पारी खेल मैच को भारत की तरफ खींच लिया। वहीं दूसरे छोर पर उनका साथ दिया दुनिया से सबसे सफल फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी ने, धोनी और पांड्या के बीच बनी 118 रनों की धमाकेदार साझेदारी की बदौलत भारत एक सम्मानजन स्कोर खड़ा कर सका। मैच खत्म होने के बाद मैन ऑफ दे मैच रहे पांड्या ने कहा कि धोनी के साथ बल्लेबाजी करने में उन्हें हमेशा ही मजा आता है और वह हमेशा ही उनसे सीखते रहते हैं।

कुंग फु पांड्या के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने कहा, “उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा ही मजेदार होता है। मैने उनसे बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहा हूं।” पांड्या ने बताया कि किस तरह दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला। उन्होंने कहा, “उस समय ऑस्ट्रेलिया मैच में आगे था और दबाव हम पर था। मेरे लिए एमएसडी के साथ साझेदारी बनाना जरूरी था। हम लगातार बातकर रहे थे कि किस तरह हमें चीजों में बदलाव करना है। जब मैं माही भाई खेल रहे थे हमने 230 रन बनाने का सोचा था। मैं स्कोर 280 तक ले जाने के बारे में सोच रहा था।” [ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया को 26 रनों से हराकर भारत ने किया जीत के साथ आगाज]

चेन्नई वनडे में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग हर पक्ष में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले हार्दिक पांड्या ने कहा, “मेरे लिए ये अच्छा दिन था। अच्छा महसूस हो रहा है। मुझे नहीं लगता कुछ भी बदला है, मैं वैसा ही हार्दिक हूं। मुझे पता था कि जम्पा गेंद करने वाले हैं। मैंने एक ओवर में उन्हें निशाना बनाने की ठानी और ये मददगार साबित हुआ। क्रिकेटर के रूप में सही समय पर फॉर्म में आना अच्छा होता है। मेरे आसपास अच्छे लोग हैं, जिससे खेल में काफी मदद मिलती है।” भारत को दूसरा वनडे मैच इसी गुरुवार को ईडन गार्डन में खेलना है।