धोनी ने चेन्नई वनडे में 79 रनों की शानदार पारी खेली © Getty Images
धोनी ने चेन्नई वनडे में 79 रनों की शानदार पारी खेली © Getty Images

महेंद्र सिंह धोनी को अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी के साथ शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी भी कई मौकों पर अपना पारा खो बैठे। 2011 विश्व कप के दौरान सही से रन ना भागने की वजह से युवराज सिंह पर चिल्लाते धोनी का चेहरा सभी को याद होगा। कल भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पहले वनडे के दौरान धोनी का वही रूप एक बार फिर देखने को मिला और इस बार धोनी के गुस्से का शिकार बने केदार जाधव। दरअसल चेन्नई वनडे के दौरान जाधव की लापरवाही की वजह से धोनी रन आउट होने से बचे, जिसके बाद धोनी ने जाधव की ओर गुस्से से देखा।

यह वाकया 22वें ओवर का है, जब टीम इंडिया अपने चार बड़े विकेट खोकर मुश्किल में थी और धोनी-जाधव मिलकर पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे। मार्कस स्टोइनिस के ओवर में 7 रन पर बल्लेबाजी कर रहे धोनी ने गेंद को कवर्स की तरफ खेलकर एक रन लेने के लिए जाधव को कॉल किया लेकिन जाधव ने कोई ध्यान नहीं दिया। धोनी आधी पिच तक दौड़ चुके थे लेकिन जाधव अपनी जगह से हिले ही नहीं। धोनी फिर पीछे मुड़कर वापस स्ट्राइकर एंड की तरफ जाने लगे, इस दौरान पर फिसल भी गए। तब तक गेंद फील्डर हिल्टन कार्टराइट के हाथ में आ चुकी थी। सभी को लगा कि धोनी रन आउट हो जाएंगे लेकिन कार्टराइट का थ्रो स्टंप्स पर नहीं लगा और धोनी जल्दी से भाग कर लाइन तक आ गए। [ये भी पढ़ें: अर्धशतकों का शतक लगाने पर सचिन तेंदुलकर ने महेंद्र सिंह धोनी को बधाई दी]

धोनी ने पलटकर जाधव को बड़े गुस्से से देखा जिससे जाधव घबरा गए। धोनी अक्सर इतना गुस्सा नहीं करते हैं लेकिन वह जानते थे कि उस स्थिति में एक और विकेट टीम इंडिया के लिए कितना घातक हो सकता था और जाधव को इसे समझना चाहिए था। धोनी को गुस्से में देख जाधव का ध्यान भटक गया और अगली ही गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में वह अपना विकेट गंवा बैठे। हालांकि धोनी ने हार्दिक पांड्या के साथ मिलकर भारत के लिए 281 रन जोड़ दिए। बारिश की वजह से लक्ष्य 282 से घटाकर 21 ओवर में 164 रनों का कर दिया गया। भारतीय स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की मदद से भारत ने ये मैच 26 रनों से जीत लिया।