युजवेंद्र चहल-विराट कोहली © AFP
युजवेंद्र चहल-विराट कोहली © AFP

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का मानना है कि विराट कोहली जैसे आक्रामक कप्तान के नेतृत्व में खेलने से वह भी आक्रामक हो गए हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पा रहे हैं। कल चेन्नई में खेले गए पहले वनडे मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डकवर्थ लुईस नियम से 26 रन से हरा दिया था। मैच के बाद चहल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “ज्यादातर रिस्ट स्पिनर आक्रामक होते हैं लेकिन जब आपका कप्तान इतना आक्रामक हो तो आपको अटैक करने की पूरी छूट मिलती है। लेकिन कभी कभी हमें भी पीछे हटना पड़ता है और योजना बदलनी पड़ती है।” पहले वनडे में 30 रन देकर तीन विकेट चटकाने वाले चहल ने कहा कि दूसरे छोर पर बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव की मौजूदगी से उनके लिए चीजें आसान हो गई।

चहल ने कहा, “हम स्थिति के अनुसार काम करते हैं, हम दोनों अटैक करने वाले गेंदबाज है इसलिए विकेट हासिल करने की कोशिश करते हैं। मैच के हालात के अनुसार हम चीजों को देखते हैं। अगर वह पहले गेंदबाजी करता है तो मैं उसे बताता हूं कि कहां से गेंद स्पिन हो रही है और हम कैसे बल्लेबाज को आउट कर सकते हैं। हम दोनों विकेट की तलाश में रहते हैं इसलिए सुरक्षित खेलने का कोई मतलब नहीं है। आप इस तरह मैच नहीं जीत सकते।” [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई वनडे: जब केदार जाधव की गलती पर भड़क उठे धोनी]

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेलते वाले चहल ने कहा कि इस टी20 टूर्नामेंट में ग्लेन मैक्सवेल के खिलाफ गेंदबाजी करने का अनुभव कल के मैच में इस बल्लेबाज को आउट करने में काम आया। उन्होंने कहा, “मैंने मैक्सवेल को आईपीएल में काफी गेंदबाजी की है। हमें उसे स्पिन में उलझाकर आउट करना था। हम रक्षात्मक होकर नहीं खेल सकते थे। लाइन में बदलाव महत्वपूर्ण था। अगर वह अच्छा शॉट खेलता है तो ठीक है। अगर वह ऑफ साइड के बाहर रन बनाने की कोशिश करता है तो वह आउट सकता है।” चहल ने कहा कि कोहली और महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें ऑफ साइड से बाहर गेंदबाजी करने की सलाह दी थी। [ये भी पढ़ें: अर्धशतकों का शतक लगाने पर सचिन तेंदुलकर ने महेंद्र सिंह धोनी को बधाई दी]

चहल ने हार्दिक पांड्या और धोनी की भी तारीफ की जिन्होंने 118 रन की साझेदारी करके भारत को मैच में वापसी दिलाई। उन्होंने कहा, “जिस तरह का विकेट बर्ताव था उसे देखते हुए माही भाई और पांड्या ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। अगर हम 230-240 रन तक पहुंचते और विकेट से टर्न मिलता तो हमारे पास कुलदीप और केदार भाई थे। बेशक 87 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद मैच 70 प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया के कब्जे में था। लेकिन वे जिस तरह खेले और एडम जम्पा के ओवर से जिस तरह की लय मिली वे 281 तक पहुंचे जो इस विकेट पर जीतने लायक स्कोर था। अंत में हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की।’’