हार्दिक पांड्या © Getty Images
हार्दिक पांड्या © Getty Images

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मैच में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 282 रनों का लक्ष्य रखा। भारत ने 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 281 का स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से हार्दिक पांड्या ने शानदार बल्लेबाजी की और ताबड़तोड़ पारी खेली। पांड्या ने (66 गेंदों में 83) रनों की पारी खेली। पांड्या के अलावा महेंद्र सिंह धोनी ने (88 गेंदों में 79) और केदार जाधव ने (54 गेंदों में 40) रनों की पारी खेली। भुवनेश्वर ने भी आखिरी ओवरों में तेज तर्रार बल्लेबाजी करते हुए (29 गेंदों में 32) रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन कूल्टर नाइल ने सबसे ज्यादा (3) विकेट चटकाए। वहीं मार्कस स्टोयनिस ने (2), एडम जंपा ने (1) खिलाड़ी को आउट किया। ये भी पढ़ें: फिर देखने को मिला हार्दिक पांड्या का तूफान, की छक्कों की बरसात

पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अजिंक्य रहाणे (5) के रूप में पहला विकेट सिर्फ 11 रनों के कुल स्कोर पर ही गंवा दिया। रहाणे ने स्टोयनिस के बाद भारत को 2 और लगातार झटके लगे। भारत ने 11 रन के ही स्कोर पर कोहली (0) और पांडे (0) के विकेट भी खो दिए। ऑस्ट्रेलिया अब भारत पर चढ़कर खेल रहा था और टीम इंडिया पर दबाव साफ झलक रहा था। हालांकि 3 विकेट गिर जाने के बाद होरित शर्मा और केदार जाधव ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने स्कोर को 60 रनों के पार पहुंचा दिया। जब लगने लगा कि दोनों बल्लेबाज भारत को संकट से उबारने में कामयाब हो जाएंगे तभी स्टोयनिस ने रोहित (28) को आउट कर अपना पहला शिकार किया।

64 रनों पर भारत के 4 विकेट गिर चुके थे और अभी टीम के स्कोर में 23 रन और जुड़े थे कि जाधव (40) को आउट कर स्टोयनिस ने भारत की आधी पारी 100 रनों के अंदर ही समेट दी। 100 रनों के अंदर ही 5 विकेट गिर जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद आक्रमक क्रिकेट खेल रही थी लेकिन छठे नंबर पर खेलने उतरे पांड्या ने धोनी के साथ मिलकर पारी को संभाला। इस दौरान पांड्या ने रनरेट को नीचे नहीं आने दिया और तेजी से रन बनाए। पांड्या ने एडम जंपा को अपने निशाने पर लिया और उनके ओवर में लगातार 3 छक्के ठोककर ओवर में कुल 24 रन जोड़े। इसके अलावा पांड्या ने अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। पांड्या और धोनी ने भारतीय पारी को 200 के पार पहुंचा दिया। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी की। ये भी पढ़ें: भारतीय वनडे इतिहास में सिर्फ चौथी बार बना ये ‘अनचाहा’ रिकॉर्ड

पांड्या धीरे-धीरे अपने शतक की तरफ बढ़ रहे थे लेकिन तभी जंपा की गेंद को बाउंड्री के बाहर पहुंचाने के चक्कर में पांड्या (83) रन बनाकर आउट हो गए। पांड्या ने अपने वनडे करियर का बेस्ट स्कोर भी बनाया। पांड्या ने आउट होने से पहले अपना काम कर दिया था। दूसरे छोर पर टिककर खेल रहे धोनी ने अपना अर्धशतक पूरा किया। धोनी के अंतरराष्ट्रीय करियर का ये कुल 100वां अर्धशतक है। धोनी को भुवनेश्वर कुमार का अच्छा साथ मिला और भुवनेश्वर ने आते ही तेज शॉट खेले। दोनों बल्लेबाजों ने भारत के स्कोर को 250 के पार पहुंचा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 67 रनों की पार्टनरशिप की। आखिर में भारत ने 50 ओवरों में 281 स्कोर खड़ा किया।