जीत का चौका लगाने के बाद जश्न मनाते हुए कोहली और धवन  © AFP
जीत का चौका लगाने के बाद जश्न मनाते हुए कोहली और धवन © AFP

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची में खेले गए पहले टी20 मैच में नए नियमों में से कुछ को लागू किया गया तो कुछ को लागू नहीं किया गया जिसके कारण दोनों टीमों के खिलाड़ी भ्रम की स्थिति में हैं। दरअसल ऑस्ट्रेलिया का भारत के खिलाफ सीमित ओवर सीरीज का दौरा 17 सितंबर से शुरू हुआ था और नए नियम 28 सितंबर से प्रभाव में आए हैं। दोनों टीमों का प्री-सीरीज एग्रीमेंट कहता है कि मैच पुराने नियमों के मुताबिक खेले जाएंगे।

इस हिसाब से बैट की मोटाई का नियम, नए फील्डिंग नियम और डिसीजन रिव्यू सिस्टम में बदलाव का इस दौरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर एरन फिंच के मुताबिक नए डीआरएस नियम को इस मैच में लागू किया गया लेकिन कम ओवर किए जाने के बाद जो गेंदबाजों को लेकर नए नियम हैं वे लागू नहीं किए गए। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में डकवर्थ लुइस नियम के मुताबिक 6 ओवरों में 48 रनों के लक्ष्य का बचाव किया।

नई प्लेइंग परिस्थितियों के मुताबिक, अगर किसी टी20 मैच में एक पारी 10 ओवर से कम कर दी जाती है, तो किसी भी गेंदबाज का कोटा 2 ओवर से कम का नहीं होगा। कहने का मतलब है कि अगर मैच 6 ओवर का हो जाता है तो 3 गेंदबाजों को 2-2 ओवर फेंकने दिए जाएंगे।

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फिंच ने कहा, “पांचवें ओवर तक तो मुझे पता भी नहीं था कि रिव्यू सिस्टम भी है। इसलिए किसी ने रिव्यू नहीं लिया। स्टीवन स्मिथ जब ड्रिंक के लिए आए, उन्होंने ये बात बताई। तब हमने अंपायर से पूछा। लेकिन इस सीरीज में इस तरह से नियमों को लागू करना अजीब है। मेरे कहने का मतलब है कि बैट साइज और इस तरह की चीजें सीरीज के बाद में आने वाली हैं। गेम छोटा होने के कारण तीन गेंदबाजों को 2-2 ओवर फेंकने के लिए इजाजत होनी चाहिए थी। साथ ही इस मैच के लिए नए डीआरएस के नियम भी लागू थे। इस तरह से नियमों का मिश्रण इस मैच में लागू करना अजीब था।”

भारतीय ओपनर शिखर धवन कुछ समय के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे हैं। वह भी नए नियमों से परिचित नहीं थे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि उन्होंने जरूर अनिरंतरता महसूस की होगी। लेकिन जो नियम हैं, वो नियम हैं। जिन नियमों के बारे में आप जिक्र कर रहे हैं मैं उनके बारे में नहीं जानता। लेकिन जो नियम हैं वे हैं।”