भारतीय टीम तीसरे वनडे मैच में जीत हासिल करके अपनी उम्मीदें जिंदा रखना चाहेगी © Getty Images (File Photo)
भारतीय टीम तीसरे वनडे मैच में जीत हासिल करके अपनी उम्मीदें जिंदा रखना चाहेगी © Getty Images (File Photo)

ऑस्ट्रेलिया टीम पांच मैचों की सीरीज के तीसरे वनडे मैच में भारत के साथ रविवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में दो-दो हांथ करते नजर आएगी। मेजबान ऑस्ट्रेलिया पहले से ही ब्रिस्बेन में भारत के द्वारा दिए गए 309 रनों के विशाल स्कोर को चेज कर श्रृंखला में 0-2 से बढ़त बना चुकी है। ऐसे में वह मेलबर्न में जीत हासिल करके सीरीज में 0-3 की अजेय बढ़त लेना चाहेंगे। वहीं भारत इस मैच को जीतकर श्रृंखला में अपनी उम्मीदें बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेगा। ऐसे में दोनों टीमों के मध्य एक कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया टीम स्टीवन स्मिथ की कप्तानी में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और वह लगातार अपने सर्वश्रेष्ठता को जता रही है। फुल स्कोरकार्ड: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा एकदिवसीय ब्रिस्बेन

जिस तरह का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया इस समय दिखा रही है उसे देखकर इसमें कोई गुरेज नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया वनडे क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ टीम है। यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि जो टीम भारत के खिलाफ खेल रही है उसमें ज्यादातर युवा खिलाड़ी भरे पड़े हैं, क्योंकि ज्यादातर नियमित खिलाड़ी या तो चोटिल हैं या उन्हें आराम दिया गया है। ऐसे में यह कतई संभव नहीं लग रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के विजयी रथ को रोका जा सकेगा। ऑस्ट्रेलिया तीसरे एकदिवसीय में भी उसी टीम के साथ उतरना चाहेगी। ये भी पढ़ें: तीसरे एकदिवसीय के लिए भारत की संभावित अंतिम एकादश

वहीं भारत को सीरीज में वापसी करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन बल्लेबाजी के आगे भारतीय खिलाड़ियों के हौंसले पस्त हो चुके हैं। हालांकि, अभी ज्यादा देरी नहीं हुई है और भारत अभी भी तीसरा एकदिवसीय जीतकर अपनी दावेदारी फिर से प्रस्तुत कर सकता है। यह मैच मेहमान टीम के लिए खासा मायने रखता है, क्योंकि अगर वे एक और मैच हारते हैं तो उनका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हीं की धरती पर पहली द्विपक्षीय सीरीज जीतने का सपना चकनाचूर हो जाएगा। तो आइए जानते हैं कि इस मैच में किन खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। ये भी पढ़ें: भारत के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय के लिए ऑस्ट्रेलिया की संभावित अंतिम एकादश

शॉन मार्श बनाम ईशांत शर्मा: वर्तमान में शॉन मार्श ऑस्ट्रेलियाई शीर्ष क्रम के बेहतरीन बल्लेबाज हैं। पिछले मैच में उन्होंने 71 रनों की पारी खेलकर जता दिया था कि वह किसी भी परिस्थिति में बल्लेबाजी करने के लिए उपयुक्त हैं। लेकिन अक्सर मार्श स्विंग से मात खा जाते हैं। मार्श के दूसरे एकदिवसीय मैच में कुल 5 कैच छूटे थे। पहला कैच मनीष पांडे ने छोड़ा था जब उनके हाथ से मार्श का एक आसान सा कैच छूट गया था। दूसरे वनडे मैच में ईशांत के गेंदों में कुछ स्विंग दिखाई दी थी। लेकिन वह अपनी दिशा को संभाल नहीं सके और खामियाजन बेअसर साबित हुए। अगर इस तेज गेंदबाज ने सही लाइन व लेंथ में गेंद फेंकी तो वह मार्श के लिए खतरा साबित हो सकते हैं और ऐसे में भारत उन्हें आउट करके ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव बना सकता है। भारत ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती विकेट निकालने के लिए बेताब है। इसके लिए भारत को अपने सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत का सहारा है। ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा एकदिवसीय प्रिव्यू: तीसरे एकदिवसीय में जीत के लिए बेकरार भारत

एरन फिंच बनाम बरिंदर स्रान: बरिंदर स्रान अब तक अच्छी गति और बेदाग लाइन लेंथ के साथ प्रभावशाली रहे हैं। पहले वनडे में उनका टीम में चयन एका-एक हुआ था। अभी तक उन्होंने अपने चयन को न्यायोचित साबित किया है। वाका में प्रभावपूर्ण पर्दापण के बाद स्रान ब्रिस्बेन में अपना जादू दिखाने में कामयाब नहीं हो पाए। वह शुरुआत में अपनी गेंदबाजी से फिंच को परेशान कर रहे थे लेकिन वह उन्हें आउट नहीं कर सके। फिंच ने अपने टच को फिर से प्राप्त किया और शानदार 71 रन ठोंक दिए जो भारत के द्वारा सेट किए गए बड़े चेज के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। स्रान एक बार फिर से भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी की शुरुआत करते नजर आएंगे और उम्मीद की जा सकती है कि पारी की शुरुआत में इन दोनों के बीच एक बार फिर से एक कड़ी जंग देखने को मिलेगी।

रोहित शर्मा केन रिचर्डसन: रोहित लगातार बेहतरीन फॉर्म का सुबूत पेश कर रहे हैं और अपने बल्ले से हर मैच में एक नया इतिहास लिख रहे हैं। लेकिन उनके बेहतरीन खेल के बावजूद उनकी टीम लगातार हार रही है जो निराशाजनक है। रोहित ने दोनों मैचों में भारत को बेहतरीन शुरुआत दी थी। रोहित तीसरे मैच में भी ऐसी ही शुरुआत करना चोहेंगे हालांकि, दूसरे मैच में रिचर्डसन खासे खर्चीले साबित हुए थे, लेकिन उनकी नई गेंद के साथ बेहतरीन पकड़ रोहित को झांसे में डाल सकती है। रोहित अगर असफल होते हैं तो भारतीय बल्लेबाजी की कमर टूट जाएगी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया रोहित को जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेगी।

रविचंद्रन अश्विन बनाम ग्लेन मैक्सवेल: मैक्सवेल और अश्विन की प्रतिद्विंता जगजाहिर है। ऐसे में अश्विन एक बार फिर से मैक्सवेल के धैर्य की परीक्षा लेना चाहेंगे, जैसा कि उन्होंने पहले एकदिवसीय मैच में किया था। ऐसे में मैक्सवेल उन्हें इस बार संभलकर खेलेंगे और अपनी अंतिम मुलाकात का बदला लेना चाहेंगे। मैक्सवेल को बड़े शॉट लगाने में बड़ा मजा आता है और गेंदबाजों की शुरू से धुनाई लगाने में भी वह माहिर हैं। जैसे ही यह आवारा दाहिने हाथ का बल्लेबाज बल्लेबाजी के लिए आएगा वैसे ही धोनी अश्विन को गेंदबाजी आक्रमण के लिए लगाना चाहेंगे।

विराट कोहली बनाम जोएल पेरिस: वाका में उल्लेखनीय पर्दापण के बाद, पेरिस ने ब्रिस्बेन में भी सधी हुई गेंदबाजी की थी। ऐसे में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बल्लेबाजी के मुख्य आधार कोहली के बीच जंग देखने लायक होगी। कोहली एक बार फिर से रनों का अंबार लगाते हुए भारत को एक बड़े स्कोर की ओर ले जाना चाहेंगे। वहीं दूसरी ओर पेरिस सितारों से भरी ऑस्ट्रेलिया टीम में अंतिम ग्यारह में जगह बनाने के लिए संघर्ष करेंगे। वह सफलता के भूखे हैं और अपनी वरीयता पहले दो मैचों में साबित कर चुके हैं। अगर वह कोहली को आउट करने में सफल होते हैं तो उनका टीम में औहदा और भी बढ़ जाएगा।

अजिंक्य रहाणे बनाम जेम्स फॉकनर: फॉकनर ने दोनों मैचों में गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उनका गेंदबाजी में तुरत परिवर्तन व गेंदों में विविधता अब तक उनके लिए खूब मददगार साबित हुई है। वह पिछले मैच में डेथ ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करते नजर आए थे। उन्होंने इस तरह रनों के बहाव को ही नहीं रोका बल्कि विकेट्स भी निकाले। वहीं दूसरी ओर रहाणे ने अपनी पारी की शरुआत तो आतिशी अंदाज में की थी, लेकिन अंत में वह धीरे पड़ते नजर आए, जिसका भारतीय पारी पर विपरीत असर पड़ा। ऐसे में रहाणे इस बार अंत तक बल्लेबाजी करना चाहेंगे और भारत को डेथ ओवरों में समस्याओं से उबारेंगे, वहीं फॉकनर पिछले मैच की ही तरह अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे।