विराट कोहली © AFP (File photo)
विराट कोहली © AFP (File photo)

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज और वर्तमान में राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ता मार्क वॉ मानते हैं कि भारतीय कप्तान विराट कोहली ‘ब्रेन फेड'(असमंजस की स्थिति) से ग्रस्त हैं और कहा कि उनकी नकारात्मक सोच का असर उनके टीम के खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। कोहली लगातार दूसरी बार शोल्डर आर्म(गेंद को छोड़ने के प्रयास में आउट) का शिकार बने। उन्हें पुणे टेस्ट की दूसरी पारी में इसी अंदाज में जहां स्टीव ओ कीफ ने बोल्ड किया था वहीं बैंगलुरू टेस्ट की पहली पारी में नाथन लियोन ने उन्हें उसी अंदाज में पगबाधा आउट कर दिया। वॉ ने फॉक्स स्पोर्ट्र से कहा, “मैंने देखा कि गेंद बाउंस होने से पहले उनके थाई पैड में लगी थी और वह दो खिलाड़ी जो लेग साइड में लगे थे उनको लेकर चिंता में थे, लेकिन यही एक क्लासिक भारतीय बल्लेबाज की कमजोरी है और आप गेंदों को उनके उसी क्षेत्र में फेंकते हो।”

वॉ ने कहा कि कोहली कुछ उस अंदाज में खेल रहे थे जिसमें उन्हें नहीं खेलना चाहिए था। और यह उनकी टीम को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा, “वह कोहली जैसा नहीं था। उसने ये बात कही कि हमें इस मैच में योजना के मुताबिक खेलना है। लेकिन वह सबसे बड़े उदाहरण हैं जो उस हिसाब से नहीं खेल रहे थे। वह लगातार नकारात्मक सोच रहे थे क्योंकि उनके बैट के आस- पास खिलाड़ी मौजूद थे। वह सोच रहे थे कि अगर गेंद बाउंस करेगी तो उनके बल्ले का बाहरी किनारा लग जाएगा। बतौर बल्लेबाज आप ऐसा नहीं सोचना चाहिए। वह गेंद पर रन यहां तक की नींद में भी बना सकते हैं। जाहिर तौर पर वह नकारात्मक सोच रहे हैं। और इसका प्रभाव उनके कुछ टीममेट पर भी पड़ा है।” भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दूसरे टेस्ट का लाइव स्कोरकार्ड पढ़ने के लिए क्लिक करें…

वॉ का मानना है कि भारतीय बल्लेबाज लियोन और कीफ के खिलाफ कुछ ज्यादा ही रक्षात्मक रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, “उन गिरते हुए विकटों के दौरान आपको नहीं देखना चाहिए कि गेंद को कहां रोकना है और दूसरा कि क्रीज से बाहर नहीं खड़ा होना चाहिए। इसलिए उन गेंदों के बीच कुछ बल्लेबाज ज्यादा अपना दिमाग ज्यादा खर्च कर रहे थे। मेरे हिसाब से यह पिच पुणे जितनी खराब नहीं है लेकिन इसमें अनिरंतर पेस और बाउंस है जिसमें कुछ गेंदें टर्न होती हुई दिखाई देती हैं। और कुछ नीची रहती हैं। मुझे नहीं लगता कि यह एक अच्छा बैटिंग विकेट है। इससे बल्लेबाज घबरा रहे हैं।”