के एल राहुल © Getty Images (File photo)
के एल राहुल © Getty Images (File photo)

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर 120/1 हो गया है, जबकि क्रीज पर मुरली विजय (42) और चेतेश्वर पुजारा (10) रन बनाकर टिके हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया द्वारा पहली पारी में बनाए गए 451 रनों के जवाब में भारत अभी भी 331 रन पीछे है। दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की तरफ से एकमात्र सफलता पेट कमिंस को ही मिली। पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी निभाई। इसी बीच के एल राहुल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। लेकिन जब वह अच्छी लय में दिख रहे थे, तभी कमिंस की शॉर्ट गेंद पर वह (67) रन बनाकर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए पुजारा ने विजय का अच्छा साथ दिया औक दिन का खेल खत्म होने तक भारत को कोई और झटका नहीं लगने दिया।

टी के स्कोर 21/0 से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने समझ-बूझ के साथ बल्लेबाजी की और भारत के स्कोर को आगे बढ़ाते रहे। दोनों का ही चलना भारत के लिए अच्छी बात है, क्योंकि भारतीय टीम लगातार फ्लॉप होती सलामी जोड़ी से परेशान थी। इसी बीच के एल राहुल ने अपने टेस्ट करियर का पांचवां टेस्ट अर्धशतक लगाया। साथ ही इस सीरीज में उनके बल्ले से निकलने वाला यह चौथा अर्धशतक है। दूसरे छोर पर विजय ने भी राहुल का अच्छा साथ दिया। लेकिन जब राहुल की नजरें जमती हुईं दिख रहीं थीं, तभी कमिंस की शॉर्ट गेंद पर राहुल गच्चा खा गए और विकेटकीपर को कैच थमा बैठे। राहुल के बाद बल्लेबाजी के लिए आए चेतेश्वर पुजारा ने विजय का अच्छा साथ दिया और दोनों ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। [भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, तीसरा क्रिकेट टेस्ट मैच, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…]

दूसरा दिन लंच इससे पहले दूसरे दिन लंच तक ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 401 रन बनाए थे। लंच से ठीक पहले भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट झटके। और तीनों ही विकेट जडेजा को हासिल हुए। जडेजा ने पहले मैक्सवेल को पवेलियन लौटाया और फिर वेड और पेट कमिंस को एक ही ओवर में चलता कर दिया। साथ ही जडेजा ने अपने विकटों की संख्या 4 पहुंचा दी। इसी बीच समिथ ने अपने 150 रन भी पूरे कर लिए। तीसरे दिन कल के स्कोर (299/4) से आगे खेलने उतरी ऑस्ट्रेलिया के दोनों नाबाद बल्लेबाजों ने आते ही आक्रामक रुख अपनाया और लगातार गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा। इसी बीच मैक्सवेल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक ठोक दिया और इसके साथ ही वह तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले दुनिया के कुल 13वें और ऑस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए।

स्मिथ और मैक्सवेल के बीच पांचवें विकेट के लिए 191 रनों की साझेदारी हुई, जो कि इस सीरीज की यह अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। स्मिछ एक छोर से लगातार सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते रहे। हालांकि शतक पूरा करने के बाद मैक्सवेल ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं रुक सके और उन्हें जडेजा ने अपना शिकार बना भारत को पांचवीं सफलता दिला दी। मैक्सवेल के आउट होने के बाद वेड क्रीज पर आए और उन्होंने स्मिथ के साथ मिलकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। लेकिन लंच जडेजा ने उन्हें ज्यादा देर क्रीज पर रुकने नहीं दिया और उन्हें भी पवेलियन भेज दियाय़ इसके बाद कमिंस को भी जडेजा ने आउट कर भारत को सातवीं सफलता दिला दी।

पहले दिन के खेल की समाप्ति पर ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट पर 299 रन बना लिए थे। उनके दो बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ 117 और ग्लेन मैक्सवेल 82 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया के दोनों सलामी बल्लेबाज मैट रेनशॉ 44 और डेविड वॉर्नर 19 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। शॉन मार्श ने 2 रन बनाए वहीं पीटर हैंड्सकॉम्ब भी 19 रन बनाकर आउट हुए। पहले दिन की सबसे बड़ी साझेदारी स्टीवन स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल के बीच देखने को मिली। दोनों पांचवें विकेट के लिए अब तक 159 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक 2, वहीं अश्विन, जडेजा ने 1-1 विकेट लिए।

पहले दिन जैसी की उम्मीद की जा रही थी बल्लेबाजों को खेलने में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी और उन्होंने खुलकर स्ट्रोक खेले। ऑस्ट्रेलिया ने पहले सेशन में 109 रनों पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। लेकिन दूसरे सेशन में जबरदस्त वापसी करते हुए और कुल 1 विकेट गंवाया।

पहला दिन रांची की स्पिन फ्रेंडली पिच पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी चुनी। ऑस्ट्रेलियाई टीम दो बदलावों के साथ मैदान पर उतरी। मिचेल स्टार्क की जगह तेज गेंदबाज पैट कमिंस और मिचेल मार्श की जगह ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को टीम में जगह मिली। कंगारू टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे डेविड वॉर्नर और मैथ्यू रेनशॉ, दोनों ने बेहद ही तेज शुरुआत की। ऑस्ट्रेलिया के दोनों ओपनर्स ने खुलकर शॉट खेले और सिर्फ 57 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी कर दी। लेकिन मैच के 10वें ओवर में टीम इंडिया ने पलटवार किया और जडेजा ने डेविड वॉर्नर को 19 रन पर पैवेलियन भेज दिया।

वॉर्नर जडेजा की फुलटॉस गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे। वॉर्नर के पैवेलियन लौटने के बाद कप्तान स्टीव स्मिथ ने मोर्चा संभाला और चौका लगाकर अपना खाता खोला, दूसरी ओर क्रीज पर टिके ओपनर रेनशॉ ने भी बेधड़क अपने शॉट खेलने जारी रखे। मगर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की यही आक्रामकता उनके लिए उस वक्त भारी पड़ गई जब उमेश यादव ने मैथ्यू रेनशॉ को आउट कर दिया। उमेश की गेंद पर रेन शॉ 44 रन बनाकर आउट हुए उनका कैच कप्तान विराट कोहली ने स्लिप में पकड़ा। ठीक 22 गेंद बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरा झटका दिया। आर अश्विन ने शॉन मार्श को सिर्फ 2 रन पर पैवेलियन भेज दिया। अश्विन की गेंद पर चेतेश्वर पुजारा ने मार्श का शानदार कैच पकड़ा, लेकिन अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन के लाइव ब्लॉग को पढ़ने के लिए क्लिक करें

ऐसे में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने डीआरएस का इस्तेमाल करते हुए रिव्यू की मांग की और साफ हो गया कि गेंद मार्श के बल्ले को छूकर पुजारा के पास गई थी और इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने अपने 3 विकेट सिर्फ 89 रन पर गंवा दिए।

ऑस्ट्रेलिया का पलटवार: पहला सेशन गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ मैदान पर उतरे और उन्होंने अपने साथी बल्लेबाज पीटर हैंड्सकॉम्ब के साथ संभली शुरुआत की। दोनों ही बल्लेबाजों ने खासकर स्मिथ ने ईशांत शर्मा और रविंद्र जडेजा के खिलाफ बेहद धैर्य से बल्लेबाजी की। स्मिथ ने पहले अपना अर्धशतक पूरा किया और उसके साथ साथ उन्होंने हैंड्सकॉम्ब के साथ अपनी साझेदारी को भी 50 के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया की इस खतरनाक जोड़ी को तोड़ा उमेश यादव ने जिन्होंने अपनी शानदार रिवर्स स्विंग से हैंड्सकॉम्ब को छकाते हुए LBW आउट किया।

हैंड्सकॉम्ब 19 रन बनाकर पैवेलियन लौटे। 140 रन पर चौथा झटका लगने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को कोई मौका नहीं दिया। स्मिथ और ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल विकेट पर टिक गए। 57वें ओवर में ईशांत शर्मा की गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल के खिलाफ LBW अपील जरूर हुई, टीम इंडिया ने डीआरएस का इस्तेमाल भी किया लेकिन ईशांत की गेंद नो बॉल निकली और मैक्सवेल पैवेलियन नहीं लौट सके। दूसरी ओर कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 5000 रन पूरे किए उन्होंने सिर्फ 97 पारियों में इस आंकड़े को छुआ। स्टीव स्मिथ की पारी की बदौलत ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरे सेशन में भारतीय टीम पर पलटवार किया।