India vs Australia, 3rd Test: Ranji Trophy experience helped me to reverse Swing; Says Jasprit Bumrah
Jasprit Bumrah (GETTY IMAGE)

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धीमी पिचों पर रिवर्स स्विंग हासिल करने के अनुभव ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में एमसीजी की पिच पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके छह विकेट झटकने में मदद की जिससे भारतीय टीम अच्छी स्थिति में पहुंच गई।

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बुमराह ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 15.5 ओवर में 33 रन देकर छह विकेट हासिल किए, जिससे उपमहाद्वीप में वह एक वर्ष में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में पांच या इससे ज्यादा विकेट चटकाने वाले पहले गेंदबाज बन गए।

‘विकेट काफी धीमा हो गया था’

बुमराह ने कहा, ‘जब मैं गेंदबाजी कर रहा था, विकेट काफी धीमा हो गया था और गेंद मुलायम हो गई थी। मैंने धीमी गेंद फेंकने की कोशिश की। सोचा कि यह नीचे जाएगी या फिर शॉर्ट कवर पर जाएगी। पर यह कारगर रहा क्योंकि गेंद ने रिवर्स करना शुरू कर दिया था।’

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उन्होंने कहा, ‘जब हम अपनी सरजमीं पर इसी तरह के विकेट पर खेलते थे तो गेंद रिवर्स होती थी। इसलिए आप इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करते हो। हम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने अनुभव का इस्तेमाल यहां भी करने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि प्रथम श्रेणी क्रिकटमें हमें रिवर्स स्विंग गेंद फेंकने का अच्छा अनुभव है। यही
योजना थी।’

बुमराह की शानदार गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई टीम बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन पहली पारी में महज 151 रन पर सिमट गई।

टेस्ट में अपने डेब्‍यू सीजन में शानदार फॉर्म से हैरान नहीं बुमराह

तेज गेंदबाज बुमराह ने इस साल 9 टेस्ट में 45 विकेट हासिल किए हैं लेकिन वह टेस्ट क्रिकेट में अपने पदार्पण सत्र में शानदार फॉर्म से हैरान नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान नहीं हूं। अगर मैं कहूंगा कि मैं खुद पर भरोसा नहीं करता तो और कौन करेगा? मैं किसी भी परिस्थिति में अच्छा करने की कोशिश करता हूं। हां, शुरुआत अच्छी रही है और मैंने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और यहां खेला हूं, जहां तीनों जगह अलग-अलग तरह के हालात रहे हैं।’

बुमराह ने कहा, ‘हां, मैं भारत में टेस्ट मैच में नहीं खेला हूं लेकिन जब आप विभिन्न देशों में खेलने जाते हो तो आप कुछ नया सीखते हो और आपको खेलने का अनुभव मिलता है। मेरी अच्छी शुरुआत रही है, देखते हैं कि यह आगे कैसा जाता है।’

‘मैं हमेशा टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था’

बकौल बुमराह, ‘मैं हमेशा टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था, लेकिन लोगों ने मुझे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ही देखा था। मुझे हमेशा खुद पर भरोसा रहा कि जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं अच्छा करने में सफल रहूंगा। उम्मीद है कि मैं सीखना और खुद को बेहतर करना जारी रखूंगा।’

बुमराह ने जोहानिसबर्ग और नॉटिंघम के बाद तीसरी बार टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट झटके, भारत ने इन दोनों मौकों पर जीत दर्ज की थी।

‘टीम इंडिया चौथे दिन ज्‍यादा से ज्‍यादा रन जुटाने की कोशिश करेगी’

बुमराह ने कहा कि हालांकि दूसरी पारी रणनीति के अनुसार नहीं रही, लेकिन भारत चौथे दिन ज्यादा से ज्यादा रन जुटाने की कोशिश करेगा तथा ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार समेटने का प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा, ‘ हमारी ऐसी कोई योजना नहीं थी। हम बस सकारात्मक क्रिकेट खेलना चाहते थे। हां, हमने कुछ ज्यादा ही विकेट गंवा दिए, जबकि हम ऐसा नहीं चाहते थे। लेकिन हम ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ने की कोशिश करेंगे और उम्मीद करते हैं कि जब हम अगली पारी में गेंदबाजी करने आएंगे तो हम उन्हें आउट करने की कोशिश करेंगे।’

(इनपुट-भाषा)