मुरली विजय और के एल राहुल  © Getty Images
मुरली विजय और के एल राहुल © Getty Images

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में भारत ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। टीम को अब जीत के लिए सिर्फ (87) रनों की जरूरत है। दिन का खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर 19/0 हो गया है, जबकि क्रीज पर के एल राहुल (13) और मुरली विजय (6) रन बनाकर डटे हुए हैं। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 137 रनों पर ही सिमट गई और भारत को जीत के लिए 106 रनों का लक्ष्य मिला। पहली पारी में 332 रन बनाने के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर 32 रनों की बढ़त बना ली थी। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 300 रन बनाए थे। दूसरी पारी में 106 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अख्तियार किया और राहुल ने पहले ही ओवर में 3 चौके जड़ दिए। दोनों ही बल्लेबाजों ने दिन का खेल खत्म होने तक भारत को कोई झटका नहीं लगने दिया। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया धर्मशाला टेस्ट का पूरा स्कोरकार्ड यहां देखें]

इससे पहले दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और खराब फॉर्म से जूझ रहे डेविड वॉर्नर (6) एक बार फिर से फ्लॉप साबित हुए। ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट मात्र 10 रनों पर ही गिर गया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर अभी 31 रन ही हुआ था कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2 बड़े झटके दे दिए। 31 पर ही टीम ने कप्तान स्मिथ (17) और फिर रेन्शॉ (8) के विकेट खो दिए। ऑस्ट्रेलिया की टीम अब पिछले कदमों पर आ गई थी। चौथे विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन 87 के स्कोर पर टीम को चौथा झटका लग गया और पीटर हैंड्सकॉम्ब (18) रन बनाकर पवेलियन लौट गए। अभी टीम के स्कोर में 5 रन और जुड़े थे कि अगले बल्लेबाज शॉन मार्श भी (1) रन बनाकर चलते बने। ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम 100 के अंदर पवेलियन लौट चुकी थी। एक छोर पर मैक्सवेल रन बना रहे थे, लेकिन चाय के बाद अश्विन ने मैक्सवेल को (45) रन पर आउट कर ऑस्ट्रेलिया की आखिरी उम्मीद को भी खत्म कर दिया। मैक्सवेल के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी ढह गई और पूरी टीम मात्र 137 रनों पर ही सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 6 बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू पाए। भारत की तरफ से रविंद्र जडेजा, उमेश यादव और आर अश्विन ने 3-3 खिलाड़ियों को आउट किया। वहीं 1 विकेट भुवनेश्वर कुमार को मिला।

इससे पहले तीसरे दिन लंच तक भारत की पहली पारी 332 रनों पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया पर 32 रनों की मामूली बढ़त हासिल कर ली है। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 300 रन बनाए थे। लंच से कुछ देर पहले भारतीय पारी लड़खड़ा गई और भारत के सभी खिलाड़ी आउट हो गए। भारत ने जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, साहा और कुलदीप के विकेट खो दिए। रविंद्र जेडजा ने आउट होने से पहले (63) रनों की पारी खेली, भुवनेश्वर अपना खाता भी नहीं खोल सके, रिद्धिमान साहा ने ( 41), कुलदीप ने आउट होने से पहले (7) रन बनाए। इससे पहले दूसरे दिन के स्कोर 248/6 से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम ने संभलकर बल्लेबाजी की और सहा, जडेजा ने पिच पर अपनी नजरें जमाईं। दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और उन्हें खुदपर हावी नहीं होने दिया। इस बीच इक्का-दुक्का मौकों पर गेंदबाजों ने बल्लेबाजों के खिलाफ अपील भी की। दिन के पहले ही ओवर में कमिंस की गेंद पर जडेजा को अंपायर ने आउट करार दे दिया था। लेकिन जडेजा ने रिव्यू लेने का फैसला किया और वह नॉट आउट करार दिए गए। जडेजा ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी जारी रखी और अपने टेस्ट करियर का 7वां अर्धशतक ठोक दिया।

साहा ने भी जडेजा का बखूबी साथ दिया और दूसरे छोर को संभाले रखा। दोनों ने भारत के स्कोर को लगातार आगे बढ़ाया और टीम को दबाव से निकाला। इस बीच जडेजा ने अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। हालांकि अर्धशतक पूरा करने के बाद कमिंस ने जडेजा को बोल्ड कर इस साझेदारी पर ब्रेक लगा दिया। साहा और जडेजा के बीच (96) रनों की साझेदारी हुई। जडेजा के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और ऑस्ट्रेलिया ने जल्दी-जल्दी 4 विकेट गिरा दिए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से लायन ने (5), कमिंस ने (3) और हेजलवुड-कीफ ने 1-1 खिलाड़ियों को आउट किया। इससे पहले दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने छह विकेट के नुकसान पर 248 रन बनाए थे। दूसरे दिन भारत की तरफ से के एल राहुल ने (60) रनों की पारी खेली। हालांकि एक बार फिर वह गलत शॉट पर आउट हुए और शतक से चूक गए। वहीं रांची टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीतने वाले चेतेश्वर पुजारा भी 57 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा विकेट नाथन लॉयन ने लिए। लॉयन ने 28 ओवर में 67 रन देकर कुल चार विकेट चटकाए। ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं स्टीवन स्मिथ: ब्रैड हॉज

टीम इंडिया के दिन की शुरुआत सधी हुई थी। लंच तक भारत ने केवल एक ही विकेट खोया था। मुरली विजय जाश हेजलवुड की गेंद पर विकेटकीपर मैथ्यू वेड को कैच थमा बैठें। इसके बाद राहुल ने पुजारा के साथ पारी को संभाला और लंच तक भारत का कोई विकेट नहीं गिरा। पहला सेशन भारत के नाम रहा। लंच के बाद मैच का रुख ऑस्ट्रेलिया की तरफ झुक गया। के एल राहुल का विकेट मेहमान टीम के लिए सबसे बड़ी सफलता रहा। हालांकि इस विकेट में पैट कमिन्स से ज्यादा राहुल का योगदान था। एक बार फिर राहुल अर्धशतक बनाकर अपनी विकेट विपक्षी टीम को दे दिया। यहां से टीम की कमान संभाली कप्तान अजिंक्य रहाणे ने, रहाणे ने पुजारा के साथ साझेदारी बनाई। टीम इंडिया को अगला झटका लगा पुजारा के आउट होने पर, नाथन लॉयन की गेंद पर पीटर हैंड्सकॉम्ब ने पुजारा का कैच लिया। पांचवे स्थान पर बल्लेबाजी करने आए करुण नायर एक बार फिर फ्लॉप रहे। नायर केवल पांच रन बनाकर लॉयन की गेंद पर कैच आउट हो गए।

दिन खत्म होने से पहले मेजबान टीम ने दो और विकेट खोए। पहले कप्तान रहाणे लॉयन का शिकार बने। उसके बाद रविचंद्रन अश्विन भी लॉयन की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। हालांकि अश्विन ने रीव्यू की मदद लेनी चाही लेकिन तीसरे अंपायर ने भी उन्हें आउट दिया। इसके बाद रिद्धिमान साहा ने रवींद्र जडेजा के साथ पारी को संभाला। जडेजा ने अपने 1,000 टेस्ट रन भी आज ही पूरे किए। कल इस दो बल्लेबाजों को 52 रनों की बढ़त को पार करना है और फिर ऑस्ट्रेलिया के लिए बढ़त बनानी है।