स्टीवन स्मिथ  © AFP
स्टीवन स्मिथ © AFP

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने शुक्रवार को पूरी टीम के साथ दलाई लामा से मन को शांत रखने की तकनीक सीखी। सीरीज के निर्णायक धर्मशाला टेस्ट से ठीक एक दिन पहले स्मिथ एंड कंपनी ने शांति का पाठ पढ़ा। दरअसल इस सीरीज के शुरुआत से ही स्मिथ विवाद का केंद्र रहे हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बैंगलौर टेस्ट में स्मिथ पर डीआरएस के लिए ड्रेसिंग रूम से मदद लेने का आरोप लगाया। हालांकि मैच के बाद स्मिथ ने स्वीकार किया कि उन्होंने डीआरएस के नियम तोड़े थे। स्मिथ ने कहा कि ऐसा ‘ब्रेन फेड’ के कारण हुआ।

इस सीरीज का यह अकेला विवाद नहीं है, इसके बाद तो बयानबाजी का सिलसिला शुरू हुआ। सीरीज में 1-1 से बराबरी पर चल रही दोनों टीमें धर्मशाला में चौथे मैच के लिए भिड़ेंगी। पुणे में खेला गया पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद स्मिथ की नजर 13 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज जीतने के रिकॉर्ड पर है। बता दें कि साल 2004 में एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया भारत में आखिरी बार टेस्ट सीरीज जीता था। ऑस्ट्रेलियन टीम के सभी खिलाड़ी इस उपलब्धि को पाने के लिए उत्साहित हैं और ऐसे में ऑस्ट्रेलिया टीम को दलाई लामा से मिलने का मौका मिला। स्मिथ ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “मैंने उनसे नींद और कैसे वो इसमें मेरी मदद कर सकते हैं इसके बारे में कई सवाल पूछे, उन्होंने मुझे अपनी शुभकामनाएं दी।” उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “हम दोनों ने अपनी नाक आपस में रगड़ी, उम्मीद है इससे मुझे आने वाले पांच दिनों में अच्छी नींद आएगी।” [ये भी पढ़ें: मैच प्रिव्यू: चोट से जूझ रही टीम इंडिया को हर हाल में जीतना होगा धर्मशाला टेस्ट]

स्मिथ और उनकी टीम ने लामा से दया और सांत्वना के बारे में जाना। स्मिथ ने आगे कहा, “इससे हमें काफी आराम मिला। उनके मन में हर किसी के लिए दया है और वो सभी मनुष्यों को समान मानते हैं। उनसे मिलना काफी अच्छा अनुभव रहा। उनसे एक चीज जो हम सबने सीखी वह है जब हम मैदान पर होते हैं तो कई बार हम एक हद से आगे चले जाते हैं। सभी खेल कठिन होते हैं लेकिन अंत में ये सिर्फ खेल ही है और आपको ये समझना होता है। मेरा मानना है कि यह बात हम दलाई लामा से मिलकर सीख सकते हैं।”