ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की हर मोर्चे पर तारीफ हो रही है. पहले रहाणे ने अपनी कप्तानी का शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को सिर्फ 195 रन पर समेट दिया. इसके बाद मैच के दूसरे दिन 64 के स्कोर पर 3 विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया मुश्किल में थी. अजिंक्य रहाणे ने यहां से एक बार फिर टीम की जिम्मेदारी अपने कधों पर ली और शानदार शतक जड़कर टीम को इस मुश्किल से निकाल दिया.

अपनी इस पारी के दौरान कप्तान रहाणे ने हनुमा विहारी के साथ 52, रिषभ पंत के साथ (57 रन) और रवींद्र जडेजा के साथ (121) रन की साझेदारी कर भारतीय टीम का स्कोर पहली पारी में 326 रन पहुंचाने में मदद की. भारत ने इस पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया पर 121 रनों की बढ़त हासिल की. क्रिकेट पंडित और टीम इंडिया के फैन्स रहाणे की इस पारी की जमकर सराहना कर रहे हैं. लेकिन अजिंक्य रहाणे से जब इस पारी पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस ज्यादा तवज्जो नहीं दी.

सोमवार को दिन का खेल खत्म होने के बाद रहाणे ने कहा, ‘यह मेरा बेस्ट शतक नहीं है. मेरा बेस्ट शतक तो इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर था.’

बता दें अजिंक्य रहाणे अपने जिस शतक की बात कर रहे हैं वह उन्होंने 6 साल पहले साल 2014 में इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ठोका था. तब लॉर्ड्स की यह पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही थी और भारत ने 146 के स्कोर पर अपने 7 विकेट गंवा दिए थे.

तब रहाणे ने विपरीत परिस्थितियों में पारी को संभालते हुए यहां शानदार शतक अपने नाम किया. भुवनेश्वर कुमार और रहाणे की मदद से टीम इंडिया ने यहां 300 रन के करीब स्कोर खड़ा किया. यह रहाणे का दूसरा टेस्ट शतक था.

इसके बाद इस मैच में भुवनेश्वर कुमार ने 6 विकेट अपने नाम किए. इसके अलावा मुरली विजय के 95 और इशांत शर्मा के 7विकेट हॉल की मदद से टीम इंडिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर जीत हासिल की. यह इस मैदान पर 28 साल बाद टीम इंडिया की पहली जीत थी. इसीलिए रहाणे अपने इस शतक को अपने अब तक के बेस्ट शतक में गिनते हैं.