कुलदीप यादव © AFP
कुलदीप यादव © AFP

टीम इंडिया ने कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया को 50 रनों से हरा दिया और इसके साथ ही सीरीज में 2-0 से बढ़त ले ली है। इस वनडे जीत का श्रेय कुलदीप यादव को जाता है जिन्होंने हैट्रिक लेते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से हैट्रिक लेने वाले कुलदीप यादव तीसरे गेंदबाज हैं। उनके पहले यह कारनामा चेतन शर्मा और कपिल देव कर चुके हैं। मैच के बाद भुवनेश्वर कुमार ने कुलदीप का इंटरव्यू लिया जिसमें कुलदीप ने बहुत सारी बातों के बारे में बताया।

हैट्रिक बॉल फेंकने के पहले ये सोच रहे थे कुलदीप: कुलदीप की हैट्रिक की बात करें तो उन्होंने बल्लेबाजों को अपनी वैरिएशन से खूब छकाया। उन्होंने भुवी के साथ इंटरव्यू में इस पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा, “यह निर्भर करता है कि अगर नया बल्लेबाज है तो मैं उसे वैरिएशन डालता हूं। हैट्रिक बॉल की बात आई तो मैंने सोचा कि गेंद अंदर की तरफ अच्छा टर्न नहीं हो रही थी। स्लिप लगाई हुई थी तो मैंने रॉन्ग वन फेंकने पर ज्यादा भरोसा दिखाया। सौभाग्य से वह हमारे पक्ष में रहा।”

एमएस धोनी ने कही थी ये बात: कुलदीप ने हैट्रिक लेने के पहले धोनी से भी बातचीत की थी। कुलदीप ने कहा, “मैंने धोनी भाई से पूछा, कैसी गेंद फेंकूं। उन्होंने कहा, ‘तुझे जैसा लगता है वो डाल।’ मुझे बहुत खुशी हुई जो उन्होंने मुझपर भरोसा जताया।” ये भी पढ़ें: टीम इंडिया आईसीसी रैंकिंग में नहीं बनी है नंबर-1, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप

खराब हुई थी शुरुआत: कुलदीप इस उपलब्धि से खासे खुश नजर आए और उन्होंने बताया कि जब उन्हें विकेट नहीं मिल रहे थे तब उनके दिमाग में क्या चल रहा था, “हैट्रिक लेने के बाद काफी स्पेशल महसूस कर रहा हूं। शुरुआत अच्छी नहीं थी लेकिन जब हैट्रिक मिली तो विश्वास नहीं हुआ क्योंकि खराब शुरुआत के बाद मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। जब शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी तब मैं एक छोर से गेंदबाजी कर रहा था और गेंद अच्छी तरह से ग्रिप नहीं हो रही थी क्योंकि गेंद गीली हो रही थी। और जब मैं दूसरे छोर से गेंदबाजी के लिए आया तो सोच रहा था कि अगर यहां से एक विकेट मिल गया तो दबाव उनपर आ जाएगा। इसलिए मेरी योजना थी कि अच्छी विविधता के साथ गेंदबाजी करनी है।”

आईपीएल में कोलकाता के लिए खेलने वाले कुलदीप यादव ने बताया कि कोलकाता की पिच पर खेलने का अनुभव कैसा था। कुलदीप ने कहा,”मैं चार साल से केकेआर के लिए खेल रहा हूं। यह हमारा होमग्राउंड है तो काफी आसान रहता है। मैं विकेट और ग्राउंड को लेकर काफी परिचित था। एक घरेलू मैदान जैसा ही अनुभव था। इसलिए उम्मीद थी कि यहां अच्छा करना है और अच्छी छाप छोड़नी है।”