डेविड वॉर्नर  © Getty Images (File Photo)
डेविड वॉर्नर © Getty Images (File Photo)

रांची टेस्ट में जब ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी तो उसे अपने तूफानी ओपनर डेविड वॉर्नर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, वॉर्नर का बल्ला एक बार फिर नहीं चला और वो सिर्फ 19 रन बनाकर आउट हो गए। तीसरे टेस्ट की पहली पारी में वॉर्नर 26 गेंद में 19 रन बनाकर आउट हुए। वॉर्नर को जडेजा ने पैवेलियन भेजा। वॉर्नर जडेजा की फुलटॉस गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे। वॉर्नर भारत के खिलाफ चल रही सीरीज में लगातार 5वीं पारी में नाकाम रहे।

पुणे टेस्ट में वॉर्नर ने 38 और 10 रन बनाए तो वहीं बेंगलुरू टेस्ट की दो पारियों में उनके बल्ले से सिर्फ 33 और 17 रन निकले। रांची की पिच भी वॉर्नर को रास नहीं आई और उन्होंने एक बार फिर जल्दी ही अपना विकेट गंवा दिया। वैसे रांची टेस्ट में भले ही वॉर्नर के बल्ले से रन नहीं निकले लेकिन अपनी छोटी सी पारी के दौरान उन्होंने ने एक मुकाम को छुआ। वॉर्नर ने भारत के खिलाफ 1000 टेस्ट रन पूरे किए। वॉर्नर ने 15 टेस्ट की 27 पारियों में 4 शतक और 2 अर्धशतकों की मदद से भारत के खिलाफ हजार रन का आंकड़ा पार किया। इंग्लैंड के बाद टीम इंडिया दूसरी टीम है जिसके खिलाफ वॉर्नर ने टेस्ट में हजार रन पूरे किए हैं। वैसे आपको बता दें कि टीम इंडिया के खिलाफ वॉर्नर का बल्लेबाजी औसत सबसे खराब रहा है। [भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, तीसरा क्रिकेट टेस्ट मैच, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…]

वॉर्नर ने भारत के खिलाफ सिर्फ 37.22 के औसत से रन बनाए हैं। भारतीय सरजमीं पर तो वॉर्नर का प्रदर्शन और खराब रहा है। वॉर्नर ने यहां खेले 7 टेस्ट मैचों में सिर्फ 24 की औसत से 317 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम एक भी शतक नहीं है। भारत में वॉर्नर के खराब प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह है स्पिनर्स, जिनके खिलाफ उनकी एक नहीं चलती। मौजूदा सीरीज़ में भी वॉर्नर ने 5 में से 4 बार स्पिनर को अपना विकेट दिया है ।