अजिंक्य रहाणे  © AFP
अजिंक्य रहाणे © AFP

टीम इंडिया के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि वह किसी भी नंबर पर खेलने के लिए तैयार हूं। रहाणे ने कहा, “टीम में संतुलन बनाना पूरी तरह से मानसिक है। अच्छी बात यह है कि इस टीम में कोई भी खिलाड़ी किसी भी स्थान पर खेल सकता है। मैं शीर्ष क्रम के साथ तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर खेल सकता हूं। परिस्थिति के अनुसार खेलना जरूरी होता है।” शिखर धवन की गैर मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में सलामी बल्लेबाजी कर रहे अंजिक्य रहाणे को चौथे वनडे में धवन की वापसी के बाद बाहर होना पड़ सकता है लेकिन वह इसे चिंतित नहीं हैं और केवल अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हैं।

धवन अपनी पत्नी आयशा की सर्जरी की वजह से पहले तीन मैच से बाहर हो गये थे। हालांकि रहाणे चेन्नई में खेले गए पहले वनडे में कुछ खास नहीं कर पाये थे लेकिन कोलकाता वनडे में उन्होंने शानदार अर्धशतक जमाया। उन्होंने कहा, “देखिये मैं भविष्य के बारे में नहीं सोचता हूं। जब भी मुझे मौका मिलता है तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं। भविष्य में क्या होगा इस पर विचार नहीं करता हूं। मैं हर मैच में शतक जड़ने के बारे में नहीं सोचता। अगर मैं 40-50 रन भी बनाता हूं और वो टीम के काम आता है तो वो जरूरी है। जब शिखर आएगा तो क्या होगा मैं नहीं जानता।” [ये भी पढ़ें: भारत-ऑस्ट्रेलिया तीसरे वनडे मैच से पहले एमपीसीए की वेबसाइट हैक]

ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत के दोनों युवा रिस्ट स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के सामने जूझना पड़ रहा है और रहाणे ने इसे अच्छा संकेत बताया है। चहल और कुलदीप ने अब तक दो मैचों में पांच-पांच विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभायई है। रहाणे ने कहा, “यह अच्छा संकेत है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उन्हें नहीं समझ पा रहे हैं। चहल और कुलदीप दोनों ही बहुत अच्छे स्पिनर हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और वनडे क्रिकेट में बीच के ओवरों में विकेट लेना महत्वपूर्ण होता है। वे अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभा रहे हैं।”

रहाणे ने बताया कि श्रीलंका से लौटने के बाद सचिन तेंदुलकर से बैटिंग टिप्स लेने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा क्योंकि मास्टर ब्लास्टर ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मानसिक रूप से मजबूत बनने की सीख दी। उन्होंने कहा, “श्रीलंका के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद मैंने चार दिन बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स, मुंबई में अभ्यास किया। मुझे सचिन पाजी वहां पर मिले थे। उन्होंने यही कहा कि अपने खेल पर ध्यान देना क्योंकि मौका कभी मिलेगा और कभी नहीं। उन्होंने तकनीक के बारे में ज्यादा नहीं बताया बल्कि मानसिक पहलू के बारे में बात की। आपकी मानसिक तैयारी काफी महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने कई मैच खेले हैं उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई कैसी लाइन व लेंथ से गेंदबाजी करते हैं। उन्होंने काफी सकारात्मक बातें की और उससे मेरा मनोबल बढ़ा। मेरी कोशिश यही थी कि पहले मैच में हुई गलती ना दोहराऊं।” [ये भी पढ़ें: प्रिव्यू: सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया]

केदार जाधव और मनीष पांडे के खराब फॉर्म के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “इन दोनों ने श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन किया था और टीम मैनेजमेंट पूरी तरह से उनके साथ है। मनीष और केदार अच्छे खिलाड़ी हैं और अपने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना जरूरी है। कई बार आप सफल रहते हो और कई बार आपको असफलता भी मिलती है।”

रहाणे ने कहा, “हम अच्छी क्रिकेट और जीत के लिये खेलते हैं। कोई भी रिकॉर्ड के लिये नहीं खेलता। अगर आप अच्छा प्रदर्शन करते हो तो रिकॉर्ड खुद ही बन जाते हैं। हम चीजों को तय मानकर नहीं चलते। ऑस्ट्रेलिया मजबूत टीम है। मैच की रणनीति अभ्यास सत्र के बाद तय की जाएगी। जहां तक होल्कर स्टेडियम की बात है तो मैंने और टीम ने हमेशा लुत्फ उठाया है। मैं यहां घरेलू क्रिकेट खेलता रहा हूं और मेरी यहां से कुछ अच्छी यादें जुड़ी हैं।”