India vs Australia: Giving Washington Sundar a chance to make a debut at Gabba was a risky decision but we took the chance to win the series, says Bowling coach Bharat Arun
भरत अरुण (IANS)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट मैच के आखिरी दिन जब भारतीय टीम ने 328 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट खो दिए थे तो फैंस को लगा था कि मेहमान टीम एक बार फिर ड्रॉ के नतीजे की तरफ बढ़ेगी लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई। गाबा में 3 विकेट से जीत हासिल करने के साथ ही टीम इंडिया 2-1 से बॉर्डर गावस्कर सीरीज में जीत हासिल की।

सीरीज जीतकर भारत लौटी टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच भरत अरुण का मानना है कि अपने निडर स्वाभाव और साहस के दम पर भारत ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज में आस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

अरुण का कहना है ब्रिसबेन में खेले गए आखिरी टेस्ट में भारत ने जीत हासिल करने के लिए पांच गेंदबाजों के साथ खेलने का जोखिम भरा फैसला लिया जिससे ना केवल चौथा टेस्ट बल्कि पूरी सीरीज दांव पर लगी लेकिन आखिर में सफलता भारत के पक्ष में आई। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन सुंदर को डेब्यू का मौका देना एक तरह का बड़ा रिस्क था क्योंकि सुंदर ने तीन साल से प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेला था। सुंदर ने हालांकि अपने चयन को सार्थक करते हुए शानदार प्रदर्शन कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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गेंदबाजीस कोच ने कहा, “अंतिम टेस्ट मैच में एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने को लेकर चर्चा थी लेकिन बाद में हमने सोचा कि ये एक नकारात्मक कदम होगा औ्र इसलिए हमने पांच गेंदबाजों के साथ खेलने का फैसला किया। हमने सोचा-समझा जोखिम लिया, जो काम कर गया और आज नतीजा सबके सामने है।”

अरुण के मुताबिक सफलता हासिल करने की दिशा में भारतीय टीम अब रिस्क लेने से नहीं चूकती और ब्रिस्बेन में अनुभवहीन गेंदबाजों के साथ खेल रहे होने के बावजूद पांच गेंदबाजों को मौका देना एक बहुत बड़ा फैसला था।

अरुण ने कहा, “हमें अगर सफल होना है तो नाकामी से घबराना नहीं होगा। वो साथ चलेगी। हम हारने से नहीं डरते। हम कुछ मैच हारेंगे और हर हार से हम कुछ ना कुछ सीखेंगे। हार खेल का हिस्सा है और एक अच्छा खिलाड़ी हार से सीखकर ही जीत हासिल करता है। हम इसी फार्मूले के साथ चल रहे थे।”