ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में अचानक युवा ऑफ स्पिनर वॉशिंग्टन सुंदर (Washington Sundar) को प्लेइंग XI में मौका मिला, तो इससे खेल के कई जानकार हैरान रह गए. लेकिन बीते 3 साल से कोई फर्स्ट क्लास मैच नहीं खेलने वाले सुंदर इससे हैरान नहीं थे. उन्होंने कहा कि मैं सबसे लंबे फॉर्मेट में भी खेलने के लिए तैयार था, मुझे बस मौका चाहिए था.

सुंदर को ब्रिसबेन टेस्ट (IND vs AUS Brisbane Test) में सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) की जगह मौका मिला. अश्विन इन दिनों पीठ दर्द से जूझ रहे हैं. ऐसे में सुंदर को उनकी जगह मौका मिला, जबकि वह इस टेस्ट मैच से पहले इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा भी नहीं थे. वह बतौर नेट गेंदबाज यहां टीम के साथ रुके थे और टीम में उनसे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) पहले से मौजूद थे. लेकिन कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और टीम मैनेजमेंट ने कुलदीप की जगह सुंदर को तरजीह दी. सुंदर ने आज बेहतरीन बॉलिंग की और स्टीव स्मिथ के रूप में बड़ा विकेट अपने नाम किया.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस अप्रत्याशित टेस्ट डेब्यू से पहले उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सिर्फ 285 ओवर किए थे. स्मिथ को आउट कर चुके इस युवा स्पिनर ने कहा कि वह सबसे लंबे फॉर्मेट में खेलने को तैयार हैं और वह एक पारी में 30-40 नहीं बल्कि 50 ओवर फेंकने का दमखम रखते हैं.

सुंदर ने पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘मैं शुरू से मानता रहा हूं कि मैं लाल गेंद से भी मैं अच्छी गेंदबाजी कर सकता हूं. मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट और चेन्नई में प्रथम डिवीजन लीग में काफी ओवर किए हैं. मैं पिछले दो महीनों से इस मौके का इंतजार कर रहा था. इस बीच मैंने यहां काफी ओवर किए और अपने कौशल को और निखारा.’

उन्होंने कहा, ‘किसी भी बॉलर की तरह मुझे भी अधिक से अधिक ओवर करना पसंद है. अधिक ओवर करने का अलग आनंद है.’ भारत की ओर से अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेल चुके इस युवा गेंदबाज ने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा है और ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को पहले दिन 5 विकेट पर 274 रन पर रोकना अच्छा प्रयास है.