आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के दम पर नेट गेंदबाज के तौर पर वनडे और टेस्‍ट टीम का हिस्‍सा बने तेज गेंदबाज टी नटराजन अब वापस अपने घर लौट गए हैं, जहां रथ यात्रा के माध्‍यम से उनका स्‍वागत किया गया. नटराजन एक ही दौरे पर खेल के सभी फॉर्मेट में डेब्‍यू करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्‍होंने कहा कि मुझे मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी. भारत के लिये पहला मैच खेलते समय वो काफी दबाव में थे.

नटराजन ने सलेम जिले में चिन्नाप्पामपट्टी में पत्रकारों से तमिल भाषा में बातचीत करते हुए कहा, ‘‘मैं अपना काम करने के लिये प्रतिबद्ध था. मुझे वनडे में मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी. जब मुझे बताया गया कि मैं इसमें खेलूंगा तो मैं दबाव में था. मैं मौके का फायदा उठाना चाहता था. खेलना और एक विकेट लेना सपने की तरह था.’’

एक के बाद एक तेज गेंदबाजों के चोटिल होने के कारण टी नटराजन को टेस्‍ट सीरीज के दौरान नेट गेंदबाज से रेगुलर गेंदबाज बना दिया गया था. नटराजन ने गाबा टेस्‍ट में डेब्‍यू किया.

उन्‍होंने कहा, ‘‘भारत के लिये खेलने के बाद मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. यह सपने की तरह था. मुझे कोचों और खिलाड़ियों से भी काफी सहयोग मिला. उन्होंने मेरा समर्थन किया और मुझे काफी प्रोत्साहित किया. मैं उनके समर्थन की वजह से अच्छा करने में सफल रहा. ’’

नटराजन ने यह भी कहा कि उन्हें विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना काफी अच्छा लगा क्योंकि उन्होंने काफी प्रोत्साहित और सहयोग किया.

‘‘विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने मुझे अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने मुझे काफी सकारात्मक चीजें कहीं और मुझे प्रेरित किया. मुझे दोनों की कप्तानी में खेलना अच्छा लगा.’’