बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने हाल में संपन्न आईपीएल 2020 में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की ओर से कई ऐसी बेहतरीन पारी खेली जिससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया (Team India) में जगह मिलने की उम्मीद थी.  हालांकि ये हो नहीं सका और इस बल्लेबाज को निराशा हाथ लगी.

कंगारूओं के खिलाफ सीरीज के लिए अनदेखी किए जाने के बाद सूर्यकुमार को काफी निराशा हुई थी लेकिन मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) से बातचीत करने के बाद उन्हें अपने खेल पर ध्यान देने में मदद मिली.

सूर्यकुमार ने पीटीआई-भाषा को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘उस समय (टीम की घोषणा के बाद) जिम में रोहित मेरे बगल में बैठे थे और उन्होंने मेरी तरफ देखा और मैंने कहा, ‘जाहिर है, मैं थोड़ा निराश हूं’, क्योंकि वह महसूस कर पा रहे थे कि मैं अच्छी खबर का इंतजार कर रहा था. ’

उन्होंने बताया, ‘बाद में, रोहित ने मुझे कहा, ‘मेरा मानना ​​था कि आप अभी टीम के लिए शानदार काम कर रहे हैं, और उस (चयन नहीं होने पर) के बारे में सोचने के बजाय, आप सिर्फ वही चीजें करते रहिये जो आप इस आईपीएल में पहले दिन से करते आ रहे हैं.  और जब समय सही होगा, तो आपको मौका मिलेगा. यह आज हो या कल, यह होगा आपको बस खुद पर विश्वास रखना होगा.’

‘रोहित के ‘उन शब्दों’ ने उन्हें निराशा से बाहर आने में मदद की’

आईपीएल से पहले घरेलू सत्र में भी सूर्यकुमार कुछ वर्षों से लगातार अच्छा कर रहे है लेकिन फिर भी उन्हें भारतीय टीम में मौका नहीं मिला.  उन्होंने कहा कि रोहित के ‘उन शब्दों’ ने उन्हें निराशा से बाहर आने में मदद की.

उन्होंने कहा, ‘मैं वास्तव में अच्छा महसूस कर रहा था क्योंकि मुझे पता था कि उनकी बातों से पहले मैं उस समय कैसा महसूस कर रहा था .  वह इसे मेरी आँखों में स्पष्ट रूप से देख पा रहे थे.  मुझे लगता है कि इस निराशा से बाहर निलने में उनकी बातों में मेरी मदद की. ’

मुंबई के 30 साल के इस बल्लेबाज ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे के लिए टीम का चयन उनके दिमाग में था.  उन्होंने हालांकि दिमाग को भटकने से बचाने के लिए कुछ चीजों को खुद से अलग किया था.

मध्यक्रम के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘टूर्नामेंट के दौरान मैं थोड़ा निराश था.  मुझे पता था कि उस दिन टीम का चयन होना था.  मैं खुद को व्यस्त रखने की कोशिश कर रहा था और अपने दिमाग में चयन की बातों को नहीं आने देना चाहता था.’

सूर्यकुमार ने जब देखा कि उनका नाम सूची में शामिल नहीं है, तो उन्हें काफी निराशा हुई.  उन्होंने कहा, ‘मैं एक कमरे में बैठ गया और सोचने लगा, मेरा नाम क्यों नहीं है, लेकिन टीम को देखने के बाद लगा कि उसमें बहुत सारे खिलाड़ी है जिन्हें भारतीय टीम और आईपीएल में खूब रन बटोरे है.’

उन्होने कहा, ‘फिर मुझे लगा कि इन बातों को सोचने के बजाय मुझे अपना काम करना चाहिये जो है लगातार रन बनाना.  यही मेरे हाथ में है. और जब मौका मिले तो दोनो हाथों से उसे अपना लेना.’