India vs Australia: India eyeing Test series victory in Australian soil in sydney test

इतिहास रचने की कवायद में जुटी भारतीय टीम को अंतिम लम्हों में चोटों के कारण झटका लगा लेकिन इसके बावजूद विराट कोहली की टीम गुरुवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रहे चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी।

भारत चार मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है और टीम के शीर्ष स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और सीनियर तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के चोटिल होने के बावजूद मेहमान टीम को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में जीत के साथ सीरीज 3-1 से अपने नाम करने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

इशांत को भारत की अंतिम 13 सदस्यीय टीम में भी जगह नहीं मिली है। ऑस्ट्रेलिया 1947-48 से भारत की मेजबानी कर रहा है। टीम इंडिया ने इस दौरान 1980-81, 1985-86 और 2003-04 में सीरीज ड्रॉ कराई जबकि 1967-68, 1977-78, 1991-92, 1999-2000, 2007-08, 2011-12 और 2014-15 में उसे हार का सामना करना पड़ा।

विराट कोहली भारत के एकमात्र कप्तान हैं जो ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अंतिम टेस्ट के लिए उतरते हुए सीरीज में बढ़त बनाए हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने से कप्तान के रूप में कोहली का रुतबा बढ़ेगा फिर भले ही मेहमान टीम का बल्लेबाजी क्रम पूर्व कप्तान स्टीवन स्मिथ और उप कप्तान डेविड वार्नर के प्रतिबंध के कारण कमजोर हुआ है।

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कोहली को हालांकि अपने टीम संयोजन को लेकर काफी माथापच्ची करनी होगी क्योंकि कप्तान ने खुलासा किया है कि अंतिम 13 में जगह दिए जाने के बावजूद सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अपनी चोट से पूरी तरह नहीं उबरे हैं। सिडनी में पारंपरिक रूप से स्पिनरों को मदद मिलती रही है और भारत को मलाल होगा कि अश्विन एडिलेड में पहले टेस्ट के दौरान पेट की मांसपेशियों में आए खिंचाव से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं।

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पसलियों में परेशानी के कारण इशांत भी टीम से बाहर हो गए हैं क्योंकि टीम प्रबंधन उन्हें इस मुकाबले में खिलाकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। अश्विन चोट के कारण मौजूदा दौरे पर पर्थ में दूसरे टेस्ट और मेलबर्न में तीसरे टेस्ट में नहीं खेले पाए थे। उन्हें इंग्लैंड दौरे के दौरान भी ग्रोइन की चोट का सामना करना पड़ा था।