माइकल क्लॉर्क ने अपनी आत्मकथा 'माई स्टोरी' का अनावरण किया -© Getty Images
माइकल क्लॉर्क ने अपनी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’ का अनावरण किया -© Getty Images

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच गुरुवार से रांची में खेला जाना है। पहले दो मैचों में खेल को रोमांचक रहा ही साथ में मैदान पर और बाहर भी खिलाड़ियों के बीच नोक-झोंक हुई। दोनों टीमों की ओर से बयानबाजी हुई और कई ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के आक्रामक रवैये की निंदा की। वहीं पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने खुलासा किया कि आखिर वह क्यों विराट कोहली का इतना अधिक सम्मान करते हैं। क्लार्क ने कोलकाता में अपनी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’ को लॉन्च करते हुए यह बातें कही है। क्लार्क के साथ इस मौके पर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी मौजूद थे।

2014-15 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले फिल ह्यूज की अचानक मौत से पूरी कंगारू टीम सदमें में थी। उस समय कोहली का व्यवहार क्लॉर्क के दिल को छू गया और इसी वजह से वह भारतीय कप्तान का सम्मान करते हैं। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा, “जिस तरह से विराट ने स्थिति को संभाला, वह अंतिम क्रिया में मौजूद रहा। मेरे मन में उसके लिए बहुत अधिक सम्मान है। वह समय क्रिकेट के खेल से कहीं बड़ा था। भारत ना कह सकता था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। मैं इस बात को हमेशा याद रखूंगा।” [ये भी पढ़ें: शशांक मनोहर ने आईसीसी चेयरमैन के पद से इस्तीफा दिया]

इस मौके पर क्लॉर्क ने 2007-08 के कुख्यात मंकीगेट प्रकरण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि, “मैं सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर हुई उस स्थिति के बारे में पूरी ईमानदारी से बात करना चाहूंगा। मैं एंड्रयू साइमंडस के काफी करीब था। मैंने उससे पूछा कि क्या उस पर कोई नस्लीय टिप्पणी की गई है। यह केवल एंड्रयू पर हुई नस्लीय टिप्पणी के बारे में नहीं था। खेल भावना के मद्देनजर इस मामले को वहीं खत्म हो जाना चाहिए था।”