india vs australia now batsman cannot do part time bowling for team india coaching staff responsible says vijay dahiya
टीम इंडिया @Twitter

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया (India Tour To Australia) छठे बॉलर की तलाश कर रही है. भारतीय बैटिंग लाइनअप में हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) और रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को छोड़कर ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जो बैटिंग और बॉलिंग दोनों क्षेत्र में टीम को सपॉर्ट कर सकें.

हार्दिक पांड्या बॉलिंग के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं और रवींद्र जडेजा बतौर 5वें गेंदबाज की हैसियत से अपना रोल निभा रहे हैं. लेकिन भारतीय बल्लेबाजों में फिलहाल ऐसा कोई भी खिलाड़ी नहीं है, जो मैच में टीम के लिए 4-5 ओवर फेंक सके. इस वनडे सीरीज में टीम इंडिया छठे बॉलर की कमी के चलते सीरीज गंवा बैठी है.

एक दौर में टीम इंडिया के पास सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, युवराज सिंह और सुरेश रैना का विकल्प मौजूद था, जो विशेषज्ञ बल्लेबाज के साथ-साथ बेहतरीन बॉलिंग को भी अंजाम दिया करते थे. ये सभी खिलाड़ी 5-6 ओवर आराम से फेंकने में माहिर थे और टीम के लिए रनों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ विकेट लेने का काम भी बखूबी किया करते थे. लेकिन अब टीम के पास यह पार्ट टाइम बॉलिंग का विकल्प ही नहीं है.

टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया (Vijay Dahiya) ने टीम में इस कमी के लिए भारतीय सपॉर्ट स्टाफ को जिम्मेदार माना है. दहिया के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा टीम इंडिया का सपॉर्ट स्टाफ इतना बड़ा है कि वह किसी बल्लेबाज खिलाड़ी को नेट पर अभ्यास के समय बॉलिंग में अपना क्लाइयां घुमाने का मौका नहीं मिलता.

घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के कोच और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सहायक कोच रहे दहिया ने कहा, ‘टीम इंडिया के इस रवैये के चलते पार्ट टाइम बॉलर की खोज कभी पूरी नहीं हो पाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘इन दिनों टीमों का कोचिंग स्टाफ का दायरा बहुत बढ़ गया है. अब एक टीम में तीन से चार कोच होते हैं उनके साथ 3 से 4 में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने काम से अलग पार्ट टाइम बॉलिंग का मौका नहीं मिलता.’

उन्होंने कहा कि यह टीम इंडिया में ही नहीं बल्कि आईपीएल फ्रैंचाइजी क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट का भी हो गया है. इससे बल्लेबाज बॉलिंग के लिए अब अनिच्छुक ही रहते हैं, जिसके कारण वह पार्ट बॉलिंग स्किल को मांझ नहीं पाते हैं.