पीटर हैंड्सकॉम्ब ने भारत के खिलाफ रांची टेस्ट में अर्धशतक जड़ा था  © Getty Images
पीटर हैंड्सकॉम्ब ने भारत के खिलाफ रांची टेस्ट में अर्धशतक जड़ा था © Getty Images

भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को ड्रॉ तक पहुंचाने वाले मध्यक्रम के बल्लेबाज पीटर हैंड्सकॉम्ब ने कहा कि रांची में उन्होंने अपने करियर के सबसे मुश्किल हालात का सामना किया। हैड्सकॉम्ब ने शॉन मार्श के साथ पांचवें विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी करते हुए भारत के जीत के मंसूबों पारी फेर दिया था। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने हैंड्सकॉम्ब के हवाले से लिखा है, “हमारे लिए वह काफी अच्छा रहा। हम मुश्किल स्थिति में थे लेकिन हमें अपने आप पर भरोसा था कि हम मैच ड्रॉ करा सकते हैं। यह सिर्फ मेरी और मार्श की बात नहीं है। हमारी जगह कोई और होता तो वह भी ऐसा करता।”

हैंड्सकॉम्ब ने कहा, “वह निश्चित ही मेरे करियर की अभी तक की सबसे मुश्किल परिस्थति थी। भारतीय विकेट पर टेस्ट मैच के पांचवें दिन विश्व के दो सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों के सामने बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल होता है। मेरे और मार्श के लिए यह अच्छा रहा कि हम इस परिस्थति का सामना कर पाए।” उन्होंने आगे कहा, “मार्श को ज्यादातर ऑफ स्टंप के बाहर बने रफ का सामना करना था। रवींद्र जडेजा अधिकतर इसी पर गेंदबाजी कर रहे थे। उनका सामना करना मुश्किल था लेकिन मार्श ने उनका मजबूती से सामना किया जो टीम के लिए अच्छा साबित हुआ।” [ये भी पढ़ें: रविचंद्रन अश्विन को बाउंसर फेंकना चाहता हूं: मिचेल स्टॉर्क]

हैंड्सकॉम्ब का कहना है कि उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि भारतीय कप्तान ड्रॉ के लिए राजी हो जाएंगे और समय से पहले इस बात की घोषणा कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अंतिम दिन रांची में बल्लेबाजी करने से उन्हें धर्मशाला में होने वाले टेस्ट मैच में मदद मिलेगी। अगला टेस्ट मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है। दोनों एक-एक मैच जीत चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के पास 2004 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट श्रृंखला जीतने का मौका है।