india vs australia sachin tendulkar believes australian batting lineup is weak
स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन @ICCTwitter

दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग लाइनअप में कई खामियां नजर आ रही हैं। इन दिनों भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के तहत 4 टेस्ट मैच की सीरीज खेल रहे हैं। सचिन को ऑस्ट्रेलिया की इस टीम की बैटिंग में स्थिरता नहीं दिख रही है। सचिन ने कहा कि इस टीम कई बल्लेबाज अपनी जगह पक्की करने का लक्ष्य लेकर खेल रहे हैं और उन्हें अपने बैटिंग क्रम के बारे में भी कुछ सुनिश्चित नहीं है।

सचिन तेंदुलकर ऑस्ट्रेलिया की कुछ महान टीमों के खिलाफ क्रिकेट खेले हैं। वह इन पुरानी टीमों से इसकी तुलना करते हैं तो उन्हें इस टीम का बल्लेबाजी क्रम कुछ ‘कम स्थिर’ नजर आता है।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एडिलेड टेस्ट में मात्र 36 रन पर ऑलआउट कर शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि भारत ने इस शर्मनाक हार से उबरकर मेलबर्न में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट में अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की कप्तानी में कंगारू टीम को करारी हार देकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है।

तेंदुलकर ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘जब मैं ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा बल्लेबाजी लाइनअप और अतीत के कुछ बल्लेबाजी लाइन अप को देखता हूं तो मुझे लगता है कि अतीत के बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता थी। वे खिलाड़ी अलग तरह के जज्बे के साथ बल्लेबाजी करते थे लेकिन इस टीम में काफी स्थिरता नजर नहीं आती।’

पहले 2 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की तीन पूरी पारियों में भारतीय गेंदबाजों ने खिलाफ क्रमश: 191, 195 और 200 रन बना पाई है। एक पारी में उसे पूरी बैटिंग की जरूरत नहीं पड़ी थी क्योंकि एडिलेड में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद उसे सिर्फ 89 रनों का आसान टारगेट मिला था, जो उसने आसानी से हासिल कर लिया था।

तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के कुछ महान खिलाड़ियों की बल्लेबाजी को याद करते हुए कहा, ‘एलेन बॉर्डर, मार्क टेलर और वॉ बंधुओं के समय ऐसा देखने को नहीं मिलता था। यहां तक कि रिकी पॉन्टिंग, मैथ्यू हेडन, डेमियन मार्टिन, एडम गिलक्रिस्ट और माइकल क्लार्क के समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ ऐसा नहीं था।’

47 वर्षीय ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई की इस मौजूदा टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो अच्छी फॉर्म में नहीं हैं और टीम में अपनी जगह को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं। पहले की टीमों में वे बल्लेबाज अपने स्थानों पर खेलते थे क्योंकि बल्लेबाजी क्रम को लेकर काफी स्थिरता थी।’