India vs Australia: Sachin Tendulkar’s advice under-fire Prithvi Shaw to work on front foot
पृथ्वी शॉ (Twitter)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में असफल होने के बाद युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को मेलबर्न में होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। शॉ के दूसरे टेस्ट से बाहर होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है पहले मैच में उनकी खराब बल्लेबाजी। पूर्व भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने शॉ की बल्लेबाजी तकनीक का आकलन किया और उन्हें अपनी गलतियां सुधारना का तरीका बताया।

अपने यू-ट्यूब चैनल पर तेंदुलकर ने कहा, “पृथ्वी के साथ, मुझे लगता है कि समस्या उसके बैकलिफ्ट में है। मुझे लगता है कि उसके हाथ उसके शरीर से दूर जाते हैं और फिर अंदर की तरफ आते हैं। इसलिए ये एक पेंडुलम की तरह सीधी रेखा में जाने के बजाय स्कूप की तरह जाता है। लेकिन उसके हाथ दूर होने की वजह से हो ये रहा है कि वो सीधे नीचे आ रहे हैं लेकिन जब गेंद पिच के टकराने के बाद हरकत करती है समस्या तब पैदा होती है।”

उन्होंने कहा, “बात केवल अंदर आने वाली गेंदो की नहीं है, लेकिन जब कोई बल्लेबाज अच्छा नहीं खेल रहा होता है, मैं केवल पृथ्वी की बात नहीं कर रहा, बात किसी भी बल्लेबाज के बारे में है जो अच्छे फॉर्म में नहीं है और उसे बैकलिफ्ट की समस्या हो रही है क्योंकि जब आप स्कूप करते हैं, आपकी टाइमिंग सही नहीं होती और आप गेंद पर किनारा लगा देते है। जब आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, आपकी टाइमिंग सही होती है लेकिन जब आप नहीं होते तो सीधी बैकलिफ्ट से मदद मिलती है।”

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एडिलेड टेस्ट की दूसरी पारी में शॉ के विकेट के बारे में बात करते हुए तेंदुलकर ने बताया कि कैसे शॉट खेलने के पहले शॉ का अगला पैर हवा में था जिस वजह से वो असंतुलन में आ गए और गेंद बैट-पैड के गैप से निकलकर विकेट पर जा लगी।

उन्होंने कहा, “दूसरी पारी में वो शॉट खेलने के दौरान चकमा खा गया। कई ऐसे बल्लेबाज थे जो शॉ खेलने के बीच में पकड़े गए। वो गेंद खेलने में लेट हुए, केवल जरा सा। ऐसा होता है क्योंकि उस समय आपके दिमाग में काफी कुछ चल रहा होता है। यहां, अगर आप देखेंगे कि, चूंकि उसके दिमाग में काफी कुछ चल रहा था, वो गेंद खेलने में थोड़ा लेट हो गया क्योंकि उसका अगला पैर हवा में था।”

उन्होंने कहा, “लोग फुटवर्क की बात करते हैं, लेकिन बात गेंदबाज की नहीं है। फुटवर्क आपके दिमाग में होता है, आपके सिर पर। इसलिए अगर आप ठीक से नहीं सोचते हैं तो आपका बाकी का शरीर आपके निर्देश का पालन नहीं करता। जब आपके दिमाग में कई सारी चीजें चल रही होती है तो इसका असर आपके फुटवर्क पर पड़ता है।”