अब से कुछ घंटों बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) की टीमें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के चौथे और निर्णायक मैच में आमने-सामने होंगी. सिडनी टेस्ट में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच अपने खेल के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों की खराब हरकतों के लिए भी चर्चा में रहा. ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों के एक समूह ने उस मैच में दो दिन भारतीय खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणियां की थीं. इस बार चौथे और अंतिम टेस्ट की शुरुआत से पहले कंगारू कप्तान टिम पेन (Tim Paine) अपने देश के दर्शकों से अपील की है कि वे ऐसे अपशब्दों को भूलकर खेल का सम्मान करें.

सिडनी टेस्ट के दौरान जब टीम इंडिया फील्डिंग कर रही थी तब दर्शकों के एक वर्ग ने भारतीय खिलाड़ियों खासकर मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) पर नस्लीय टिप्पणियां (Racial Comments in Cricket) की थी, जिसकी चारों ओर कड़ी आलोचना की गई थी. क्रिकेट आस्ट्रेलिया (CA) ने इस घटना के लिए आधिकारिक रूप से मांफी भी मांगी थी और उसने मामले की जांच शुरू कर दी थी.

पेन ने मैच की पूर्वसंध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दर्शकों के मामले में किसी के साथ भी दुर्व्यवहार सही नहीं है. खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार करना छोड़ दें. हम चाहते हैं कि लोग गाबा में साथ आएं और क्रिकेट का आलंद लें तथा ऑस्ट्रेलिया और भारत की टीमों का समर्थन करें. अगर आप चाहें तो अंपायरों का भी समर्थन करें. लेकिन मेरा सुझाव है कि दर्शक दुर्व्यवहार को मैदान के गेट पर ही छोड़कर अंदर आएं और खेल के साथ साथ खिलाड़ियों का भी सम्मान करें.’

ऑस्ट्रेलिया की टीम 1988 के बाद से गाबा मैदान पर एक भी टेस्ट नहीं हारी है. चार मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत और आस्ट्रेलिया 1-1 की बराबरी पर हैं. कप्तान ने गाबा की पिच को लेकर कहा, ‘क्रिकेट खेलने के लिए यह एक मुश्किल जगह है. यहां तक कि तस्मानिया और विक्टोरिया के खिलाड़ियों को भी यहां खेलने में परेशानी होती है क्योंकि यहां विकेट में उछाल और गति है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें कुछ ऐसा है, जिससे ऑस्ट्रलियाई टीम को फायदा मिलता रहा है.

इनपुट: IANS