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5 मैचों की वनडे सीरीज में पहले से ही 0-1 से पिछड़ चुकी ऑस्ट्रेलिया टीम चाहती थी कि कोलकाता वनडे को जीतते हुए सीरीज में बराबरी कर ले। टॉस हारने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम के तेज गेंदबाजों ने टीम इंडिया को 252 रनों पर ऑलआउट कर दिया था। टीम इंडिया की ओर से विराट कोहली 92 और अजिंक्य रहाणे 55 ही कुछ हाथ दिखा पाए, वरना अन्य किसी बल्लेबाजी की सिर उठाने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी ने उन्हें लगातार 10वीं बार नीचा दिखाया और हार उनके पाले में आ गई।

ऑस्ट्रेलिया की ओर से अगर कोई चुनौती दे पाया तो वे स्टीवन स्मिथ और मार्क्स स्टोइनिस थे, वरना कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे ज्यादा देर तक टिक नहीं सका। भारत के खिलाफ 50 रनों से हार झेलने के बाद स्मिथ अपने बल्लेबाजों से हताश और निराश नजर आए। उन्होंने कहा, “हमने फिर से कई गलत निर्णय लिए। दबाव में रहते हुए हम अपनी क्षमता का अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। हम लगातार विकेट गंवा रहे थे जिसके चलते हम मैच नहीं जीत सकते थे।”

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हार से दुखी स्मिथ ने आगे बताया, “यह जरूरी था कि हममे से कोई एक जाता और बड़ा स्कोर बनाता और वहां अंत तक रहता। ऐसे हम खेलते हैं- हमारे टॉप 4 में से किसी एक को रुकना होता है और बड़ा स्कोर बनाना होता है। हेड्स और मैं दो बल्लेबाज थे जो गए लेकिन कर नहीं पाए। इसका काफी दोष हमे जाता है। हमने वहां छोटी साझेदारी निभाई। हम 70 को 140 में बदलते तो मैच हमारे पाले में था। लेकिन हम वो कर नहीं सके।” स्मिथ ने हार्दिक पांड्या की गेंद पर आउट होने के पहले 59 रन बनाए।

यह हाल फिलहाल में पहला मौका नहीं है जब ऑस्ट्रेलियाई पारी ऐसे भरभराई हो बल्कि चेन्नई में उन्होंने 35 रन पर 4 विकेट गंवाए थे और चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ 15 रनों पर 5 विकेट गंवाए थे।

स्मिथ ने कहा, “यह हमारे साथ अक्सर हो रहा है। हमारी टीम कई बार भरभरा चुकी है, अब हमें इसे बंद करना चाहिए। यहां बैठकर यह कहना कि इसे बंद होना चाहिए आसान है। लेकिन जब आप मैदान पर होते हो तो आपको वो बदलना होगा जो भी आप कर रहे हो क्योंकि वह कारगर नहीं हो रहा है।”

स्मिथ ने अंत में कहा, “गेंद को करीब से न देखो। हो सकता है कि खिलाड़ी गेंद को ज्यादा करीब से देख रहे हैं और गेम को खेलना ही भूल जा रहे हैं। इसलिए मेरे द्वारा अंगुलियां उठाना कठिन है। लेकिन जो भी है, इसे बदलने की दरकार है और हमे बेहतर निर्णय लेने की जरूरत है जब हम दबाव में हों और बेहतर खेलने लगें। मुझे लगता है कि हमने पिछले मैच से सीख नहीं ली। इस मैच में हम साझेदारी बना ही नहीं पाए। हम छोटी-छोटी गलतियां कर रहे हैं।”