ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट से खेलने उतरी टीम इंडिया शानदार शुरुआत के बाद मैच के तीसरे दिन इस तरह से औंधे मुंह गिरी कि वह मैच ही हार गई. मैच की शुरुआत के वक्त जब कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने यहां टॉस जीता था तो उनका पुराना रिकॉर्ड देखकर माना जा रहा था कि भारत यह टेस्ट मैच भी जीतेगा. लेकिन मैच की तीसरी पारी में कंगारुओं ने भारत ऐसा हाल किया कि यह रिकॉर्ड भी कायम न रह सका.

बीते 5 साल में विराट कोहली इस टेस्ट मैच से पहले जितनी भी बार टॉस जीता तो टीम इंडिया को उन मैचों में 100 फीसदी जीत मिली. लेकिन यह पहला मौका था, जब कप्तान विराट कोहली टॉस जीतने के बाद कोई टेस्ट मैच गंवा गए. मैच के पहले हाफ तक सब कुछ भारत के ही पक्ष में दिख रहा था. कप्तान कोहली ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय लिया और टीम इंडिया ने पहली पारी में 244 रन बनाए.

इसके बाद उसने कंगारू टीम की पहली पारी 191 रन पर समेट कर 53 रन की बढ़त हासिल की. लेकिन मैच के तीसरे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में मात्र 36 रन पर सिमट गई. यह टेस्ट इतिहास में उसका एक पारी में सबसे कम स्कोर है. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 90 रन का टारगेट 8 विकेट से पूरा कर यह मैच अपने नाम कर लिया.

इस मैच से पहले भारत के लिए कोहली लकी चार्म रहे थे. कोहली ने 2015 के बाद से जितनी बार भी टेस्ट में टॉस जीता, भारत कभी वह मैच नहीं हारा था. साल 2015 से टीम इंडिया की कमान संभाल रहे कैप्टन कोहली टेस्ट मैचों में 26 बार टॉस जीत चुके हैं. इनमें से सिर्फ एडिलेड टेस्ट में ही भारत को हार मिली है, जबकि 21 मैचों में भारत ने जीत दर्ज की है और 4 मैच ड्रॉ भी रहे हैं.

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने पिंक बॉल से अपनी जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा है. गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच में उतरा ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार इस नए रंग की गेंद से खेल रहा था. कंगारू टीम अभी तक एक भी बार इस गेंद से कोई टेस्ट मैच नहीं हारी है और एडिलेड में यह उसका 5वां मुकाबला था और उसने अपनी इस जीत का रिकॉर्ड कायम रखा है.

इनपुट : IANS