India vs Australia: We’re preparing in a manner to win the next two matches, says Bhuvneshwar Kumar
Bhuvneshwar Kumar (IANS)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में 34 रनों से हारने के बाद भारत 0-1 से पिछड़ गया है। एडिलेड में मंगलवार को होने वाले मैच में अगर टीम इंडिया हार जाती है तो सीरीज उनके हाथ से निकल जाएगी। इसलिए एडिलेड वनडे भारत के लिए नॉकआउट मैच की तरह है, ऐसा कहना है टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का।

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एडिलेड ओवल मैदान में मीडिया से बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, “हम इस तरह से तैयारी कर रहे हैं कि अगले दोनों मैच जीत सकें। ये हमारे लिए नॉकआउट जैसा है। हम इस मैच में हार बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम पिछले कुछ सालों से जैसा सोचते आए हैं, उससे अलग नहीं सोच रहे हैं। हम केवल मैच जीतना चाहते हैं और सभी इसे लेकर सकारात्मक हैं।”

सिडनी वनडे में भुवनेश्वर ने 10 ओवर में 66 रन देकर 2 विकेट लिए थे। भुवनेश्वर का मानना है ये प्रदर्शन खराब नहीं था लेकिन बहुत अच्छा भी नहीं कहा जा सकता। दरअसल भुवनेश्वर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेले थे। वहीं टी20 के बाद वनडे सीरीज शुरू होने के बीच काफी लंबा समय था। जिससे उनकी लय पर प्रभाव पड़ा।

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इस बारे में भुवनेश्वर ने कहा, “इससे मुझ पर प्रभाव पड़ा। गेंदबाजी के नजरिए से मैच बिल्कुल अलग होते हैं। मैं नेट्स में लय में रहने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा था लेकिन ये 100 प्रतिशत तब तक नहीं हो सकता, जब तक आप मैच ना खेलें। आखिरी मैच में ज्यादा अच्छा नहीं था लेकिन बुरा भी नहीं था। जाहिर है, और बेहतर किया जा सकता है।”

अपने प्रदर्शन के बारे में तेज गेंदबाज ने आगे कहा, “देखिए, नेट में मैं वनडे में गेंदबाजी की तैयारी नहीं कर रहा था। मैं टेस्ट में गेंदबाजी की तैयारी कर रहा था। मैं कोई खास चीज नहीं कर रहा था। मैं केवल अपनी गेंदबाजी कर रहा था और ओवरों की संख्या 6 से 8, 8 से 10 बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। ये मेरे लिए जरूरी चीज थी, चोट से बचा रहूं और गेंदबाजी लय में रहूं।”

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इंग्लैंड के दौरे पर भुवनेश्वर की गेंदबाजी की गति 135 से घट गई थी लेकिन सिडनी में एक बार फिर से इसी गति से गेंदबाजी करके वो काफी खुश हैं। भुवनेश्वर ने कहा, “उस समय मैं (इंग्लैंड में) चोट से गुजर रहा था, इसलिए आप अपनी 100 प्रतिशत क्षमता से गेंदबाजी नहीं कर सकते। उसके बाद से मैंने काफी ट्रेनिंग की, खासकर पिछले महीने टेस्ट सीरीज के दौरान। यही कारण हैं कि मैं फिर से 130-135 की गति से गेंदबाजी कर पा रहा हूं। अहम बात ये है कि मैं फिलहाल इंजरी-फ्री हूं।”

अपनी ट्रेनिंग के बारे में भुवनेश्वर ने आगे कहा, “ये वेट-ट्रेनिंग, नेट में दौड़ना और गेंदबाजी करने का मिश्रण था। ये गेंदबाजी फिटनेस वापस हासिल करने की बात थी। एक हफ्ते में, मुझे जिम में कुछ सेशन और मैदान में कुछ और फिर दो बार या नेट्स में अभ्यास करना था। ये ट्रेनिंग हर हफ्ते बढ़ती रही, जैसे वनडे सीरीज करीब आ रही थी।”