india vs england 2 big questions might be bothering jasprit bumrah and rahul dravid

बर्मिंगम: एजबेस्टन के इतिहास पर जाएं तो भारतीय टीम के लिए यहां से कभी खुशी नहीं आई। यहां खेले गए सात मैचों में से छह टीम इंडिया हारी है। हां, एक मैच ड्रॉ जरूर हुआ है। लेकिन दूसरी ओर हालात इंग्लैंड की भी अच्छी नहीं। इसी मैदान पर वह पिछले दो मुकाबले हारी है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से। इस अहम मुकाबले के लिए इंग्लैंड ने तो अपनी प्लेइंग इलेवन घोषित कर दी है लेकिन भारत की कशकमश खत्म नहीं हुई।

भारत के सामने दो बड़े सवाल हैं- टीम इंडिया को सबसे पहले यह सोचना है कि शार्दुल ठाकुर या रविचंद्रन अश्विन में किसे प्लेइंग इलेवन में शामिल करे। टीम इंडिया इस सोच में है कि नंबर आठ पर एक पेस बोलिंग ऑलराउंडर को रखा जाए या अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर को। बीते साल की बात करें तो रविचंद्रन अश्विन को चारों टेस्ट मैचों में बाहर बैठना पड़ा था। लेकिन बड़ा सवाल है कि पिच कंडीशन कैसी है। इंग्लैंड ने भी अपनी प्लेइंग इलेवन में एक अतिरिक्त स्पिनर को शामिल किया है। तो क्या यह पिच की परिस्थिति को लेकर कोई संकेत हो सकता है।

इसके साथ ही इस मैच में कप्तान जसप्रीत बुमराह कर रहे हैं। बुमराह एक तेज गेंदबाज हैं। और तेज गेंदबाज के तौर पर वह पिच को अपने नजरिए से देख रहे होंगे। एक बोलर कप्तान का परिस्थिति को आंकने का तरीका बल्लेबाज से अलग होता है।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक शो के दौरान कहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेट के नीचे आने की एक वजह तेज गेंदबाजों का कप्तान न बनना भी है। उनका मानना था कि पेसर आक्रामक होते हैं और आक्रामक क्रिकेट खेलते हैं। वह परिस्थितियों का आंकलन आक्रामक तरीके से करते हैं। खैर, चूंकि यह बुमराह का बतौर कप्तान पहला टेस्ट है तो जाहिर है कि टीम मैनेजमेंट के बाकी लोगों की सलाह भी उनके फैसलों में शामिल होगी।

दूसरा सवाल परिस्थितियों की वजह से पैदा हुआ है। वह सवाल है कि आखिर कौन लेगा रोहित शर्मा की जगह? रोहित कोरोना की वजह से बाहर हैं। तो उनकी जगह पारी की शुरुआत कौन करेगा इस पर टीम प्रबंधन को माथापच्ची करनी है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने भी इस पर अपने पत्ते नहीं खोले। हालांकि रोहित पर तब तक कोई फैसला नहीं हुआ था लेकिन राहुल ने अपने जवाबों से यह भनक नहीं लगने दी कि नई गेंद के सामने वह किस खिलाड़ी को उतारना चाहते हैं।

रोहित की जगह जिन खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है उनमें मयंक अग्रवाल का नाम सबसे ऊपर है। अग्रवाल को रोहित के बैकअप के रूप में बुलाया गया है। वह पहले टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन रोहित के कोविड संक्रमित होने की खबर आते ही मयंक को इंग्लैंड भेजा गया। पर, सवाल यह है कि क्या बिना किसी प्रैक्टिस के उन्हें इस अहम टेस्ट मैच में सलामी बल्लेबाजी जैसा जिम्मेदारी भरा काम दिया जाएगा। अग्रवाल के अलावा चेतेश्वर पुजारा को भी ओपनर बनाया जा सकता है। पुजारा टेस्ट टीम से बाहर होने से पहले नंबर तीन पर खेलते थे। नंबर तीन को सलामी बल्लेबाजी के काफी करीब माना जाता है। काउंटी क्रिकेट में रन बनाकर पुजारा ने अच्छी फॉर्म के संकेत दिए। वह काफी समय से इंग्लैंड में खेल भी रहे हैं।

साथ ही हनुमा विहारी और केएस भरत के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। भरत की तारीफ द्रविड़ ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी की थी। द्रविड़ ने कहा था कि भरत ने आंध्र प्रदेश के लिए अच्छा सीजन निकाला है। साथ ही उनकी तकनीक से भी द्रविड़ संतुष्ट नजर आ रहे थे। तो, अब बहुत वक्त नहीं बचा है और टीम प्रबंधन शायद इन सवालों के जवाबों पर मुहर भी लगा चुका होगा। लेकिन इनके जवाब क्या हैं इसके लिए टॉस तक का इंतजार करना होगा।