आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह © Getty Images
आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह © Getty Images

भारत ने दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड को 5 रनों से हराकर सीरीज में बराबरी कर ली है। वहीं टीम को दूसरे टी20 मुकाबले में जीत दिलाने के बाद जसप्रीत बुमराह ने कहा कि अंतिम ओवरों में गेंदबाजी करने के अनुभव से मुझे खुद पर विश्वास था। बुमराह ने आखिरी ओवर में सिर्फ दो रन दिए थे और इस दौरान उन्होंने दो विकेट भी हासिल किए थे। इंग्लैंड को आखिरी ओवर में जीतने के लिए 8 रनों की दरकार थी, लेकिन बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने हथियार टेक दिए थे। दूसरे टी20 मुकाबले में बुमराह ने 4 ओवरों में 20 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। वहीं 18वें ओर में भी बुमराह ने सिर्फ 3 ही रन खर्च किए थे।

बुमराह के अलावा आशीष नेहरा ने भी बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में 28 रन देते हुए 3 खिलाड़ियों को पवेलिय भेजा। जिसमें दो गेंदों पर लगातार दो विकेट भी शामिल रहे। मैच में ज्यादातर समय इंग्लैंड भारत पर हावी रहा लेकिन अंतिम ओवरों में बुमराह-नेहरा की कसी हुई गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की पूरी टीम 6 विकेट के नुकसान पर 139 रन ही बना सकी और मैच 5 रन से हार गई। नेहरा और बुमराह की जबरदस्त गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड का भारत में 1984 के बाद सीमित ओवरों की सीरीज जीतने के सपने पर भी पानी फिर गया। अब दोनों देशों के बीच सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 1 फरवरी को बेंगलुरू में खेला जाएगा। मैच के बाद बुमराह ने कहा, ”अंतिम ओवरों में गेंदबाजी करना हमेशा ही मुश्किल होता है। आखिरी ओवर करने के दौरान मैं अपने पुराने अनुभव को याद कर रहा था कि कैसे मैंने इससे पहले कई बार अंतिम ओवरों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमें पहली पारी में देखने को मिला था कि धीमी गति की गेंदों को खेलने में बल्लेबाजों को समस्या हो रही थी, इसलिए मैंने भी ऐसी ही गेंदें फेंकने का मन बनाया था। इंग्लैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ 8 रनों की जरूरत थी। लेकिन बुमराह के ओवर में इंग्लैंड बमुश्किल 2 ही रन जोड़ सका।” ये भी पढ़ें: यकीन था, आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह शानदार साबित होंगे: विराट कोहली

वहीं मैच के बाद आशीष नेहरा ने कहा कि मैच में काफी दबाव था। मैं बुमराह को आखिरी ओवर में बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा रन देना चाहता था। लेकिन बुमराह ने जिस तरह की बेहतरीन गेंदबाजी की वो वाकई काबिले तारीफ था। बुमराह ने मुझसे पूछा कि मैं किस तरह की गेंदें फेंकूं, तो मैंने कहा कि तुम अच्छी यॉर्कर फेंकते हो। इसलिए लंबी गेंदें फेंकनी की कोशिश करो। ऐसे में अगर गेंद लो फुलटॉस भी होती है तो उन्हें छक्का लगाने में दिक्कत होगी और मेरा ये सुझाव काम कर गया। जब हमें 4 ओवरों में 32 रनों की जरूरत थी तो मैंने बुमराह से कहा था कि हम मैच जीत जाएंगे।