भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पिच को लेकर भले ही बोर्ड की काफी आलोचना हुई हो लेकिन बीसीसीआई ने इसी मैदान पर होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए पिच तैयार करने का जिम्मा एक बार फिर न मुख्य स्थानीय ग्राउंड्समैन वी. रमेश कुमार को दिया है जो कि भारतीय टीम मैनेजमेंच की निगरानी में पिच तैयार करेंगे।

बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शनिवार से चेन्नई में ही शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले अपने क्यूरेटर तपोश चटर्जी को वापस भेज दिया गया। उन्हें इंदौर और जयपुर में विजय हजारे ट्रॉफी मैचों के लिए पिचों की तैयारी की देखरेख करने का काम सौंपा गया। जबकि कुमार जिनके पास चेन्नई टेस्ट से पहले श्रेणी मैचों के लिए पिच तैयार करने तक का कोई अनुभव नहीं था उन्हें एक बार फिर भारत-इंग्लैड टेस्ट मैच के लिए पिच तैयार करने का काम सौंपा गया है।

बता दें बीसीसीआई के पास क्यूरेटर्स का बड़ा पैनल है और इसे देखते हुए तपोश को हटाया जाना और कुमार जैसे गैरअनुभवी को इस काम के लिए लगाना काफी चौंकने वाला फैसला है। तपोश को क्यूरेटर्स के इलीट पैनल में शामिल किया गया था। उनके अलावा आशीष भौमिक, जो इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए मोटेरा स्टेडियम की विकेट तैयार करेंगे, प्रशांत के, सुनील चौहान, और प्रकाश अधव इस पैनल में शामिल हैं। पहले इमर्जिग पैनल में पांच अन्य क्यूरेटर थे।

तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन ने तपोश को हटाए जाने की पुष्टि की है। टीएनसीए के सचिव आरएस रामास्वामी ने आईएएनएस को बताया, तपोश चले गए हैं। वो पहले मैच के लिए वहां थे। वी. रमेश कुमार दूसरे टेस्ट की तैयारी की देखरेख करेंगे। कुमार एक व्यापारी हैं और इससे पहले उन्होंने प्रथम श्रेणी काी विकेट भी तैयार नहीं की थी।

मामले से जुड़े सूत्र ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “ये आश्चर्य की बात है कि कोई भी बीसीसीआई क्यूरेटर इस मौके पर नहीं है क्योंकि पहले टेस्ट के बाद बीसीसीआई ने तपोश को वापस भेज दिया। खिलाड़ियों ने पिच को लेकर नाराजगी दिखाई थी। एमए चिदंबरम स्टेडियम में लंबे समय से एक प्रॉपर क्यूरेटर नहीं था। इससे पहले, हेड ग्राउंड्समैन के. पार्थसारथी इसकी देखरेख कर रहे थे, लेकिन वो पिछले कुछ सालों में नियमित नहीं रहे हैं।”

सूत्र ने कहा, टीम मैनेजमेंट की देखरेख में दूसरे टेस्ट के लिए विकेट तैयार किया जा रहा है। पिच को उचित पानी नहीं मिला है। पहले टेस्ट के लिए सतह में लाल मिट्टी थी और दूसरे मैच के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पिच में काली मिट्टी है।