भारत और इंग्लैंड के बीच मोटेरा के नए नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट मैच की पिच क्रिकेट समीक्षकों के निशाने पर है।

बुधवार को शुरू हुए सीरीज के तीसरे टेस्ट के पहले ही दिन पिच की कमियां नजर आने लगी, जब इंग्लैंड टीम मात्र 112 रन पर सिमट गई। वहीं दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने भी अपने तीन विकेट खो दिए। यानि कि मैच के पहले दिन कुल 13 विकेट गिरे। पहले दिन भारत के लिए स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने सर्वाधिक 6 विकेट लिए।

दूसरे दिन भी पिच स्पिन गेंदबाजों की मददगार रही और इंग्लिश स्पिनर जैक लीच (Jack Lea और कप्तान जो रूट के स्पिन अटैक के खिलाफ टीम इंडिया 145 रन के स्कोर पर ऑलआउट हुई। लीच ने चार विकेट लिए जबकि रूट ने अपने टेस्ट करियर का पहला पांच विकेट हॉल दर्ज किया।

भारतीय पारी को समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड टीम ने पहले ही ओवर में अपने दो विकेट खो दिए। जिसके बाद कई पूर्व दिग्गजों ने मोटेरा की पिच की आलोचना की।

पहले दो टेस्ट मैचों के दौरान चेन्नई की पिच से नाखुश रहे पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन मोटेरा कि पिच से भी खास प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने ट्वीट किया, “ईमानदारी से कहें तो ये पांच दिन के टेस्ट मैच के पिच नहीं है।”

इंग्लैंड के एक और पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने इस पिच की हालत को ‘अराजकता’ बताया है।

वहीं क्रिकेट फैंस ने इस तरह की एकतरफा पिच बनाने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड की जमकर आलोचना की है।