बीसीसीआई और तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट में चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में 50 प्रतिशत दर्शकों को आने की अनुमति देने का फैसला किया है। हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड चाहता है कि पूरी सीरीज बिना फैंस की मौजूदगी के ही खेली जाय।

टीएनसीए के शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई को दिए बयान में बताया कि मीडिया को भी स्टेडियम में प्रेस बॉक्स से दोनों टेस्ट मैचों को कवर करने की अनुमति दी जाएगी।

कोविड-19 से जुड़े नए दिशा-निर्देश के जारी होने के बाद इस मुद्दे पर टीएनसीए के सदस्यों के बीच चर्चा हुई। टीएनसीए और बीसीसीआई अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। नई दिशा-निर्देश में खेल स्थलों में दर्शकों के प्रवेश की मंजूरी का प्रावधान है।

टीएनसीए अधिकारी ने कहा, ‘‘खेल स्थलों को लेकर कोविड-19 से जुड़ी केन्द्र सरकार की नई दिशानिर्देश में पर दर्शकों मंजूरी मिलने और राज्य सरकार से रविवार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के जारी होने के बाद हमने भारत-इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट के लिए दर्शकों को अनुमति देने पर चर्चा की। बीसीसीआई और टीएनसीए द्वारा सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दूसरे टेस्ट के लिए 50 प्रतिशत दर्शकों को अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।’’

एम ए चिदंबरम स्टेडियम की क्षमता 50,000 है। सीरीज का पहला टेस्ट शुक्रवार से शुरू हो रहा है जबकि दूसरा मैच 13 फरवरी से होगा। अहमदाबाद में तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए पहले ही दर्शकों को मंजूरी मिल गई है।

अधिकारी ने यह भी कहा कि मीडिया को स्टेडियम में प्रेस बॉक्स से दोनों टेस्ट मैचों को कवर करने की अनुमति दी जाएगी। संवाददाता सम्मेलन हालांकि अब भी ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले बीसीसीआई और टीएनसीए ने फैसला किया था कि पहले दो मैच दर्शकों के बिना खेले जाऐंगे। लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंधों में ढील देने की केन्द्रीय गृह मंत्रालय के ताजा दिशानिर्देशों के बाद इसमें बदलाव किया गया।

अधिकारी ने कहा कि शुरुआती टेस्ट के लिए दर्शकों के प्रवेश की अनुमति देने के लिए बहुत कम समय था। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे टेस्ट के बीच केवल तीन दिनों का अंतर है लेकिन टीएनसीए स्टेडियम में 50 प्रतिशत दर्शकों को अनुमति देने के लिए व्यवस्था करने को लेकर आश्वस्त है।

उन्होंने कहा, ‘‘ पहले टेस्ट के लिए दर्शकों के प्रवेश की व्यवस्था करने के लिए बहुत कम समय है। पहले और दूसरे टेस्ट के बीच केवल तीन दिन का समय है, हम आश्वस्त हैं कि दूसरे टेस्ट में प्रशंसकों की सुरक्षा के मानदंडों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जा सकती है।’’