16 दिसंबर को चेन्नई में दो साल बाद टेस्ट मैच खेलेगी भारतीय टीम। © Getty Images
16 दिसंबर को चेन्नई में दो साल बाद टेस्ट मैच खेलेगी भारतीय टीम। © Getty Images

भारत बनाम इंग्लैंड चेन्नई टेस्ट को लेकर जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा उत्साहित है वह हैं लोकल बॉय रविचंद्रन अश्विन। अश्विन चेन्नई में ही पले-बढ़े हैं और चेपॉक स्टेडियम उनके लिए काफी खास है। अश्विन जब छोटे थे तो अपने पिता के साथ इस स्टेडियम में मैच देखने आते थे। संयोग से पहला मैच जो अश्विन ने स्टेडियम में देखा था वह 1992-93 में खेला गया भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच ही था। अश्विन ने आखिरी बार 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैदान पर खेला था। वह मैच काफी यादगार था क्योंकि उस मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर का पहला दोहरा टेस्ट शतक लगाया था। वहीं अश्विन ने भी 12 विकेट लिए थे। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड चेन्नई टेस्ट के लिए गर्म कोयले से सुखाई जा रही है पिच

बीसीसीआई टीवी से बात करते हुए अश्विन ने चेन्नई टेस्ट के बारें में कहा, “आखिरी बार 2013 में हम यहां खेले था, वह मैच मेरे लिए खास था क्योंकि इस मैदान पर वह मेरा पहला टेस्ट मैच था। मेरा पूरा परिवार मैच देखने आया था। 1992 में मैं पापा के साथ यहां भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच देखने आया था, तब सचिन तेंदुलकर ने अच्छी पारी खेली थी।” पिच के बारें में भारत के सबसे सफल स्पिनर ने कहा, ” यहां कि पिच में हमेशा लाल मिट्टी रहती है लेकिन इस बार कुछ काली मिट्टी भी देखने को मिल रही है। क्यूरेटर का कहना है कि लाल मिट्टी नीचे की सतह पर है। यहां पर भी वानखेडे़ की तरह अच्छा उछाल देखने को मिलेगा। हम इस सीरीज को 4-0 से जीतने की कोशिश करेंगे। अगर हम अनुशासन के साथ खेलेंगे तो जरूर यह संभव हो पाएगा।” अश्विन का चेन्नई और यहां से लोगों से एक भावनात्मक जुड़ाव है। उन्हें उम्मीद है कि 16 दिसंबर को चेन्नइयन यहां आकर भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाएंगे। ये भी पढ़ें: आईसीसी वीमैन टीम ऑफ द ईयर में अकेली भारतीय खिलाड़ी बनीं स्मृति मंधाना

तमिलनाडू में आए तूफान से वहां के लोग काफी प्रभावित हैं। अश्विन ने इस बारें में भी बात की, उन्होंने कहा, “यहां के लोग क्रिकेट को बहुत पसंद करते हैं और काफी समय से यहां भारत को कोई मैच नहीं हुआ है और कई सालों से चेन्नई सुपर किंग्स भी यहां नहीं खेली है तो लोग जरूर मैच देखने आएगे। लेकिन एक परेशानी यह भी है कि स्टेडियम तक आने के रास्ते कैसे हैं क्योंकि बारिश से काफी सारे पेड़ गिर गए हैं जिससे रास्ते बंद हो गए हैं। फिर भी मैं यह जानता हूं कि अगर कोई शहर है जो इतना सब झेल कर भी वापस खड़ा हो सकता है तो वह चेन्नई है।”