भारत और इंग्लैंड (India vs England Test Series) के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान दोनों टीमों ने अपने खेल के साथ-साथ स्लेजिंग का भी जमकर उपयोग किया. दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से उलझते नजर आए. शारीरिक हाव-भाव और जुबानी जंग में उलझने के चलते इंग्लैंड ने जीती हुई बाजी गंवा दी और उसे टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह सीरीज में 0-1 से पीछे है. लेकिन अब कप्तान जो रूट (Joe Root) ने साफ कर दिया है कि लीड्स टेस्ट में उसके खिलाड़ी भारत से जुबानी जंग में नहीं उलझेंगे बल्कि वे खेल पर ही अपना फोकस बनाए रखेंगे.

फिलहाल 5 टेस्ट की इस सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी विराट कोहली (Virat Kohli) की इस टीम से अधिक आक्रामकता की उम्मीद है. लेकिन जो रूट ने पिछले मुकाबले से जो सबक सीखा है इसके बाद वह गैर जरूरी रूप से किसी बहस में शामिल नहीं होना चाहते.

उन्होंने कहा, ‘खेल के दौरान स्थिति थिएटर जैसी हो गई थी. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम जिस तरह से खेलना चाहते हैं, उसी तरह से खेलें और हम जितना हो सके उस पर नियंत्रण रखें. हम ऐसी चीजों से बहुत अधिक विचलित या आकर्षित होने से बचना चाहेंगे, जिसमें ईमानदारी नहीं हो.’

रूट (Joe Root) ने कहा, ‘हमें खुद के प्रति ईमानदार होना चाहिए, हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि हम एक व्यक्ति और सामूहिक रूप से कैसा व्यवहार कर रहे हैं. यह जितना हो सके उतना अच्छा होना चाहिए. विराट की टीम वैसे ही खेलेगी जैसे वे खेलते हैं, मैं बस यही चाहता हूं कि हम मैदान में उतरे तो खुद को सर्वश्रेष्ठ तरीके से पेश करें.’

इंग्लैंड के कप्तान ने कहा, ‘हमने पिछले मैच से अच्छी सीख ली है और मुझे लगता है कि कुछ मामलों में हम बेहतर कर सकते थे. एक कप्तान के तौर मैं कुछ चीजों को अलग तरीके से कर सकता था.’

30 वर्षीय जो रूट (Joe Root) ने कहा, ‘इस सीरीज में खेलने के लिए हमारे पास तीन बड़े मैच हैं. टूर्नामेंट में अभी बहुत कुछ दांव पर है. और आप जानते हैं कि हम जोरदार वापसी करने के लिए बेताब हैं.’

इंग्लैंड ने टीम में कुछ बदलाव किए हैं, जिसमें डेविड मलान (David Malan) तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे, जबकि हसीब हमीद (Haseeb Hameed) रोरी बर्न्स (Rory Burns) के साथ पारी का आगाज करेंगे. सलामी बल्लेबाज डॉम सिबली को बाहर कर दिया गया है और मार्क वुड (Mark Wood) कंधे की चोट के कारण तीसरे टेस्ट में नहीं खेलेंगे.

रूट को उम्मीद है कि मलान अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब रहेंगे. उन्हें हालांकि टेस्ट मैचों का ज्यादा अनुभव नहीं है. रूट ने कहा, ‘डेविड (मलान) निश्चित रूप से शीर्ष तीन में बहुत अनुभव प्रदान करते हैं, जरूरी नहीं कि यह अनुभव सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में हो, लेकिन उसने काफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है, वह दबाव की स्थितियों से निपटना जानते हैं.’

(इनपुट: भाषा)