कप्तान जो रूट (Joe Root) चाहते हैं कि इंग्लैंड टीम के बल्लेबाज आगामी टेस्ट मैच में भारतीय स्पिनरों का सामना बहादुरी से करें। मेजबान टीम चार मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है।

भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में रूट के शानदार दोहरे शतक के बाद से किसी भी इंग्लिश बल्लेबाज ने इस सीरीज में बड़ी पारी नहीं खेली है। कप्तान समेत सभी बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों, खासकर रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए हैं।

अहमदाबाद में होने वाले चौथे टेस्ट से पहले दिए बयान में रूट ने कहा, “हमारे पास इन हालातों में सफल होने के लिए जरूरी सभी सही काबिलियत हैं। ये जरूरी है कि हम उसका फायदा उठाए, इसे अपने दिमाग में रखें और थोड़ा साहस दिखाएं, आजादी के साथ खेलें।”

उन्होंने कहा, “लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप मैदान पर जाएं और जरूरत से ज्यादा आक्रामकता दिखाएं। हमें अपना खेल एक तरीके से खेलना होगी लेकिन बात इन हालातों से ना डरने की है।”

कप्तान चाहते हैं कि हर खिलाड़ी अपने तरीके से खेले। उन्होंने कहा, “आक्रामकता को लेकर हर किसी के विचार अलग होते हैं लेकिन निडर होने के मतलब ये नहीं कि आप क्रीज पर फंसे हुए हों या फिर अपना मन नहीं बना पा रहे हों। उनके पास अपने हिसाब से खेलने की आजादी होनी चाहिए, अपने खेल पर भरोसा करें और रन बनाएं।”

अहमदाबाद में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में 10 विकेट मिली हार के बाद मोटेरा के स्टेडियम की पिच को लेकर काफी आलोचना हो रही है। हालांकि कप्तान रूट के स्पिन की मददगार पिच पर केवल एक स्पिन गेंदबाज के साथ उतरने के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है चौथे टेस्ट मैच में डॉमिनिक बेस की वापसी हो सकती है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पिच पिछले मैच जैसी ही लग रही है। वो (डॉम बेस) इस मौके के लिए तैयार होगा। आप पिछले मैच की टीम को देखते हैं और हमने वहां गलती की है। हमने टीम का चयन करने से पहले पिच को पढ़ने में गलती कर दी।”